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चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी | Chintapurni Chinta Dur Karni | Chintapurni Aarti Lyrics in Hindi

चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी | Chintapurni Chinta Dur Karni | Chintapurni Aarti Lyrics in Hindi and English ** चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां जन को तारो भोली मां  काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा  सिंह पर भई असवार भोली मां चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** एक हाथ खड़ग दूजे में खांडा  तीजे त्रिशूल संभालो, भोली मां।  चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** चौथे हाथ चक्कर गदा  पांचवे-छठे मुंडो की माला, भोली मां चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** सातवें से रूंड मुंड बिदारे  आठवे से असुर संहारो , भोली मां.... चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** चम्‍पे का बाग लगा अति सुंदर  बैठी दीवान दीवान लगाये, भोली मां  चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** हरि ब्रम्हा तेरे भवन विराजे  लाल चंदोया बैठी तरल  भोली मां.... चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी  जन को तारो भोली मां ** औखी घाटी विकटा पैंडा  तले बहे दरिया , भोली मां.... चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी...

राम प्रिया रघुपति रघुराई | Sita Mata Chalisa Lyrics in Hindi and English

राम प्रिया रघुपति रघुराई | Sita Mata Chalisa Lyrics in Hindi and English ** ॥दोहा ॥ ** बन्दौ चरण सरोज निज  जनक लली सुख धाम । राम प्रिय किरपा करें  सुमिरौं आठों धाम ॥ कीरति गाथा जो पढ़ें  सुधरैं सगरे काम । मन मन्दिर बासा करें  दुःख भंजन सिया राम ॥ ** ॥ चौपाई ॥ ** राम प्रिया रघुपति रघुराई ।  बैदेही की कीरत गाई ॥१॥ चरण कमल बन्दों सिर नाई ।  सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥२॥ ** जनक दुलारी राघव प्यारी ।  भरत लखन शत्रुहन वारी ॥३॥ दिव्या धरा सों उपजी सीता ।  मिथिलेश्वर भयो नेह अतीता ॥४॥ ** सिया रूप भायो मनवा अति ।  रच्यो स्वयंवर जनक महीपति ॥५॥ भारी शिव धनुष खींचै जोई ।  सिय जयमाल साजिहैं सोई ॥६॥ ** भूपति नरपति रावण संगा ।  नाहिं करि सके शिव धनु भंगा ॥७॥ जनक निराश भए लखि कारन ।  जनम्यो नाहिं अवनिमोहि तारन ॥८॥ ** यह सुन विश्वामित्र मुस्काए ।  राम लखन मुनि सीस नवाए ॥९॥ आज्ञा पाई उठे रघुराई ।  इष्ट देव गुरु हियहिं मनाई ॥१०॥ ** जनक सुता गौरी सिर नावा ।  राम रूप उनके हिय भावा ॥११॥ मारत पलक राम कर धनु लै ।  खंड खंड करि पटकिन भूप...

जगमग जगमग जोत जली है | Jagmag Jagmag Jot Jali Hai | Aarti Lyrics in Hindi and English

जगमग जगमग जोत जली है | Jagmag Jagmag Jot Jali Hai | Aarti Lyrics in Hindi ** जगमग जगमग जोत जली है  राम आरती होन लगी है  ** भक्ति का दीपक प्रेम की बाती  आरति संत करें दिन राती  ** आनन्द की सरिता उभरी है  जगमग जगमग जोत जली है  ** कनक सिंघासन सिया समेता  बैठहिं राम होइ चित चेता  ** वाम भाग में जनक लली है  जगमग जगमग जोत जली है ** आरति हनुमत के मन भावै  राम कथा नित शंकर गावै  ** सन्तों की ये भीड़ लगी है  जगमग जगमग जोत जली है  ***** जगमग जगमग जोत जली है | Jagmag Jagmag Jot Jali Hai | Aarti Lyrics in English Jagamag jagamag jot jalī hai  Rām āratī hon lagī hai  ** Bhakti kā dīpak prem kī bātī  Ārati santa karean din rātī  ** Ānanda kī saritā ubharī hai  Jagamag jagamag jot jalī hai  ** Kanak sianghāsan siyā sametā  Baiṭhahian rām hoi chit chetā  ** Vām bhāg mean janak lalī hai  Jagamag jagamag jot jalī hai ** Ārati hanumat ke man bhāvai  Rām kathā nit shankar gāvai  ** Santoa...

कूष्मांडा जय जग सुखदानी | Kushmanda Jay Jag Sukhdani | Aarti Lyrics in Hindi and English

कूष्मांडा जय जग सुखदानी | Kushmanda Jay Jag Sukhdani | Aarti Lyrics in Hindi ** कूष्मांडा जय जग सुखदानी मुझ पर दया करो महारानी ** पिगंला ज्वालामुखी निराली शाकंबरी माँ भोली भाली ** लाखों नाम निराले तेरे भक्त कई मतवाले तेरे ** भीमा पर्वत पर है डेरा स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ** सबकी सुनती हो जगदंबे सुख पहुँचाती हो माँ अंबे ** तेरे दर्शन का मैं प्यासा पूर्ण कर दो मेरी आशा ** माँ के मन में ममता भारी क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ** तेरे दर पर किया है डेरा दूर करो माँ संकट मेरा ** मेरे कारज पूरे कर दो मेरे तुम भंडारे भर दो ** तेरा दास तुझे ही ध्याए भक्त तेरे दर शीश झुकाए ***** कूष्मांडा जय जग सुखदानी | Kushmanda Jay Jag Sukhdani | Aarti Lyrics in English ** Kūṣhmāanḍā jaya jag sukhadānī Muz par dayā karo mahārānī ** Piganlā jvālāmukhī nirālī Shākanbarī māँ bholī bhālī ** Lākhoan nām nirāle tere Bhakta kaī matavāle tere ** Bhīmā parvat par hai ḍerā Svīkāro praṇām ye merā ** Sabakī sunatī ho jagadanbe Sukh pahuchātī ho mā aanbe ** Tere darshan kā maian pyāsā Pūrṇa kar do merī āshā ** Mā ke man mean ...

आरती करिए सियावर की | Aarti Kariye Siyavar Ki | Shri Ram Aarti Lyrics in Hindi and English

आरती करिए सियावर की | Aarti Kariye Siyavar Ki | Shri Ram Aarti Lyrics in Hindi ** आरती करिए सियावर की  अवधपति रघुवर सुन्दर की जगत में लीला विस्तारी  कमल दल लोचन हितकारी मुरती अलखित घुंघराली  मुकुट छवि लगती है प्यारी मृदुल जब मुख मुस्काते है  छिनकर मन ले जाते है नवल रघुवीर  हरे सब पीर  बड़े है वीर जयति जय करुणा सागर की  अवधपति रघुवर सुन्दर की ** गले मे हीरो का है हार  पीटपत ओढ़त राजदुलार दृगन की चितवन पर बलिहार  दिया है हमने तन मन वार चरण है कोमल कमल विशाल  छबीले है दशरथ के लाल सलोने श्याम  नवल अभिराम  पुरण सब काम सूरत है सकल चराचर की  अवधपति रघुवर सुन्दर की ** अहिल्या गौतम की दारा  नाथ ने क्षण में निस्तारा जटायु शबरी को तारा  नाथ केवट को उद्धारा शरण मे कपि सुकंठ आये  विभीषण अभय दान पाए मान मद त्याग  मोह से जाग  किया अनुराग कृपा है रघुवर सुंदर की  अवधपति रघुवर सुन्दर की ** अधम जब खल बढ़ जाते है  नाथ जब जग में आते है विविध लीला दर्शाते हैं  धर्म की लाज बचाते है बसों नयनन में श्री रघुनाथ...

जय जय जय काली कपाली | Jay Jay Jay Kali Kapali | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi

जय जय जय काली कपाली | Jay Jay Jay Kali Kapali | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi  ** चौपाई ** जय काली जगदम्ब जय हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के  निशदिन हृदय निकुंज।। ** जयति कपाली कालिका  कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वरदायिनी  निज सेवक अनुमानि।। ** चौपाई ** जय जय जय काली कपाली ।  जय कपालिनी, जयति कराली।। शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा ।  जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा।। ** आर्या, हला, अम्बिका, माया ।  कात्यायनी उमा जगजाया।। गिरिजा गौरी दुर्गा चण्डी ।  दाक्षाणायिनी शाम्भवी प्रचंडी।। ** पार्वती मंगला भवानी ।  विश्वकारिणी सती मृडानी।। सर्वमंगला शैल नन्दिनी ।  हेमवती तुम जगत वन्दिनी।। ** ब्रह्मचारिणी कालरात्रि जय ।  महारात्रि जय मोहरात्रि जय।। तुम त्रिमूर्ति रोहिणी कालिका ।  कूष्माण्डा कार्तिका चण्डिका।। ** तारा भुवनेश्वरी अनन्या ।  तुम्हीं छिन्नमस्ता शुचिधन्या।। धूमावती षोडशी माता ।  बगला मातंगी  विख्याता।। ** तुम भैरवी मातु तुम कमला ।  रक्तदन्तिका कीरति अमला।। शाकम्भरी कौशिकी भीमा ।  महातमा अग जग की सीम...

जय काली कंकाल मालिनी | Jay Kali Kankal Malini | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi

जय काली कंकाल मालिनी | Jay Kali Kankal Malini | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi ** दोहा ** जय जय सीताराम के  मध्यवासिनी अम्ब देहु दरश जगदम्ब अब  करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका  जय दश विद्या वृन्द, काली चालीसा रचत  एक सिद्धि कवि हिन्द ॥ प्रातः काल उठ जो पढ़े  दुपहरिया या शाम, दुःख दरिद्रता दूर हों  सिद्धि होय सब काम ॥ ** चौपाई ** जय काली कंकाल मालिनी जय मंगला महाकपालिनी ॥ रक्तबीज वधकारिणी माता, सदा भक्तन की सुखदाता ॥ ** शिरो मालिका भूषित अंगे, जय काली जय मद्य मतंगे ॥ हर हृदयारविन्द सुविलासिनी, जय जगदम्बा सकल दुःख नाशिनी ॥ ** ह्रीं काली श्रीं महाकाराली, क्रीं कल्याणी दक्षिणाकाली ॥ जय कलावती जय विद्यावति, जय तारासुन्दरी महामति ॥ ** देहु सुबुद्धि हरहु सब संकट, होहु भक्त के आगे परगट ॥ जय ॐ कारे जय हुंकारे, महाशक्ति जय अपरम्पारे ॥ ** कमला कलियुग दर्प विनाशिनी, सदा भक्तजन की भयनाशिनी ॥ अब जगदम्ब न देर लगावहु, दुख दरिद्रता मोर हटावहु ॥ ** जयति कराल कालिका माता, कालानल समान घुतिगाता ॥ जयशंकरी सुरेशि सनातनि, कोटि सिद्धि कवि मातु पुरातनी ॥  ** क...