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श्री प्रेतराज चालीसा । Shri Pretraj Chalisa: प्रेतराज चालीसा के गायन से होती है हर ...। प्रेतराज चालीसा | Pretraj Chalisa मेहंदीपुर बालाजी के चमत्कार और ...

श्री प्रेतराज चालीसा भगवान प्रेतराज सरकार की भक्ति और आराधना को समर्पित श्रद्धापूर्ण स्तुति है। भक्तजन इसे आस्था एवं विश्वास के साथ पढ़कर भगवान प्रेतराज से कृपा, संरक्षण और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। यह चालीसा विशेष रूप से मेहंदीपुर बालाजी धाम की धार्मिक परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। इस लेख में आपको श्री प्रेतराज चालीसा के संपूर्ण पाठ , हिंदी लिरिक्स और Shri Pretraj Chalisa English Transliteration के साथ इसका धार्मिक महत्व भी सरल भाषा में उपलब्ध कराया गया है।  !! दोहा !! * गणपति की कर वन्दना,  गुरु चरणन चित लाए ! प्रेतराज जी का लिखूँ,  चालीसा हरषाए !! * जय जय भूतादिक प्रबल,  हरण सकल दुख भार ! वीर शिरोमणि जयति,  जय प्रेतराज सरकार !! * !! चौपाई  !! * जय जय प्रेतराज जगपावन ।  महाप्रबल दुख ताप नसावन ।। * विकट वीर करुणा के सागर।   भक्त कष्ट हर सब गुण आगर।। * रतन जडित सिंहासन सोहे।  देखत सुर नर मुनि मन मोहे ।। * जगमग सिर पर मुकुट सुहावन।  कानन कुण्डल अति मनभावन ।। ** धनुष किरपाण बाण अरु भाला।  वीर वेष अति भृकुटि...

श्री बालाजी चालीसा - संपूर्ण संग्रह | Shri Balaji Chalisa | Shri Balaji Chalisa with Lyrics _ मेहंदीपुर बालाजी की चालीसा _

श्री बालाजी चालीसा भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित श्रद्धापूर्ण भक्तिपाठ है। भक्तजन इसे आस्था और विश्वास के साथ पढ़कर बालाजी महाराज से शक्ति, साहस, संरक्षण और कृपा की प्रार्थना करते हैं। चालीसा में हनुमान जी की महिमा, पराक्रम, भक्ति और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का सुंदर वर्णन मिलता है। इस लेख में श्री बालाजी चालीसा का संपूर्ण पाठ , Shri Balaji Chalisa Lyrics तथा English Transliteration उपलब्ध कराया गया है, जिससे भक्त सरलता से इसका पाठ और गायन कर सकें। ॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण चितलाय, के धरें ध्यान हनुमान। बालाजी चालीसा लिखे, दास स्नेही कल्याण॥ विश्व विदित वर दानी, संकट हरण हनुमान। मैंहदीपुर में प्रगट भये, बालाजी भगवान॥ ** ॥ चौपाई ॥ ** जय हनुमान बालाजी देवा। प्रगट भये यहां तीनों देवा॥ * प्रेतराज भैरव बलवाना। कोतवाल कप्तानी हनुमाना॥ * मैंहदीपुर अवतार लिया है। भक्तों का उद्धार किया है॥ * बालरूप प्रगटे हैं यहां पर। संकट वाले आते जहाँ पर॥ * डाकनि शाकनि अरु जिन्दनीं। मशान चुड़ैल भूत भूतनीं॥ * जाके भय ते सब भाग जाते। स्याने भोपे यहाँ घबराते॥ * चौकी बन्धन सब कट जाते। दूत मिले आनन्द मनाते॥ * सच...

श्री झूलेलाल चालीसा | Jhulelal Chalisa Lyrics in Hindi and English

*** जलदेवता झूलेलाल जी को सिंधी समाज में श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा जाता है तथा उन्हें वरुण देव का स्वरूप माना जाता है। भक्तजन सुख, शांति, समृद्धि और संरक्षण की कामना से झूलेलाल चालीसा का पाठ करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पाठ से आत्मबल, सकारात्मकता और मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन की बाधाओं का सामना करने का साहस मिलता है। इस लेख में झूलेलाल चालीसा का महत्व, पाठ के लाभ, विधि और संपूर्ण पाठ प्रस्तुत किया गया है। *** ॥ दोहा ॥ ** जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप । अमर उदेरो लाल जय, झूलेलाल अनूप ॥ ** ॥ चौपाई ॥ ** रतनलाल रतनाणी नंदन । जयति देवकी सुत जग वन्दन ॥ ** दरियाशाह वरुण अवतारी । जय जय लाल साईं सुखकारी ॥ ** जय जय होय धर्म की भीरा । जिन्दा पीर हरे जन पीरा ॥ ** संवत दस सौ सात मंझरा । चैत्र शुक्ल द्वितीया भगव वारा ॥४॥ ** ग्राम नसरपुर सिंध प्रदेशा । प्रभु अवतारे हरे जन कलेशा ॥ ** सिन्धु वीर ठट्ठा राजधानी । मिरखशाह नौप अति अभिमानी ॥ ** कपटी कुटिल क्रूर कुविचारी । यवन मलिनमन अत्याचारी ॥ ** धर्मांतरण करे सब केरा । दुखी हुए जन कष्ट वृंदा ॥८॥ ** पित्वाया हाकिम ढिंढोरा । हो इस्...

जय यदुनन्दन जय जगवन्दन || श्री कृष्ण चालीसा लिरिक्‍स || Shri Krisha Chalisa Lyrics in Hindi & English

भगवान श्री कृष्ण को समर्पित श्री कृष्ण चालीसा भक्तिभाव और श्रद्धा से पढ़ी एवं गाई जाती है। इसमें भगवान कृष्ण के दिव्य स्वरूप, लीलाओं, गुणों और महिमा का वर्णन किया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्री कृष्ण चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। भक्तजन भगवान कृष्ण की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं। ** दोहा ** बंशी शोभित कर मधुर नील जलद तन श्याम अरुण अधर जनु बिम्बा फल  पिताम्बर शुभ साज जय मनमोहन मदन छवि  कृष्णचन्द्र महाराज करहु कृपा हे रवि तनय  राखहु जन की लाज ** चौपाई ** जय यदुनन्दन जय जगवन्दन जय वसुदेव देवकी नन्दन जय यशुदा सुत नन्द दुलारे जय प्रभु भक्तन के दृग तारे ** जय नट-नागर नाग नथैया कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो आओ दीनन कष्ट निवारो ** वंशी मधुर अधर धरी तेरी होवे पूर्ण मनोरथ मेरो आओ हरि पुनि माखन चाखो आज लाज भारत की राखो ** गोल कपोल चिबुक अरुणारे मृदु मुस्कान मोहिनी डारे रंजित राजिव नयन विशाला मोर मुकुट वैजयंती माला ** कुण्डल श्रवण पीतपट आछे कटि किंकणी काछन क...

राम प्रिया रघुपति रघुराई | Sita Mata Chalisa Lyrics in Hindi and English

** ॥दोहा ॥ ** बन्दौ चरण सरोज निज  जनक लली सुख धाम । राम प्रिय किरपा करें  सुमिरौं आठों धाम ॥ कीरति गाथा जो पढ़ें  सुधरैं सगरे काम । मन मन्दिर बासा करें  दुःख भंजन सिया राम ॥ ** ॥ चौपाई ॥ ** राम प्रिया रघुपति रघुराई ।  बैदेही की कीरत गाई ॥१॥ चरण कमल बन्दों सिर नाई ।  सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥२॥ ** जनक दुलारी राघव प्यारी ।  भरत लखन शत्रुहन वारी ॥३॥ दिव्या धरा सों उपजी सीता ।  मिथिलेश्वर भयो नेह अतीता ॥४॥ ** सिया रूप भायो मनवा अति ।  रच्यो स्वयंवर जनक महीपति ॥५॥ भारी शिव धनुष खींचै जोई ।  सिय जयमाल साजिहैं सोई ॥६॥ ** भूपति नरपति रावण संगा ।  नाहिं करि सके शिव धनु भंगा ॥७॥ जनक निराश भए लखि कारन ।  जनम्यो नाहिं अवनिमोहि तारन ॥८॥ ** यह सुन विश्वामित्र मुस्काए ।  राम लखन मुनि सीस नवाए ॥९॥ आज्ञा पाई उठे रघुराई ।  इष्ट देव गुरु हियहिं मनाई ॥१०॥ ** जनक सुता गौरी सिर नावा ।  राम रूप उनके हिय भावा ॥११॥ मारत पलक राम कर धनु लै ।  खंड खंड करि पटकिन भूपै ॥१२॥ ** जय जयकार हुई अति भारी ।  आनन्दित भए सबैं नर नारी ॥१३॥ सिय ...

जय जय जय काली कपाली | Jay Jay Jay Kali Kapali | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi

जय जय जय काली कपाली | Jay Jay Jay Kali Kapali | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi  ** चौपाई ** जय काली जगदम्ब जय हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के  निशदिन हृदय निकुंज।। ** जयति कपाली कालिका  कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वरदायिनी  निज सेवक अनुमानि।। ** चौपाई ** जय जय जय काली कपाली ।  जय कपालिनी, जयति कराली।। शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा ।  जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा।। ** आर्या, हला, अम्बिका, माया ।  कात्यायनी उमा जगजाया।। गिरिजा गौरी दुर्गा चण्डी ।  दाक्षाणायिनी शाम्भवी प्रचंडी।। ** पार्वती मंगला भवानी ।  विश्वकारिणी सती मृडानी।। सर्वमंगला शैल नन्दिनी ।  हेमवती तुम जगत वन्दिनी।। ** ब्रह्मचारिणी कालरात्रि जय ।  महारात्रि जय मोहरात्रि जय।। तुम त्रिमूर्ति रोहिणी कालिका ।  कूष्माण्डा कार्तिका चण्डिका।। ** तारा भुवनेश्वरी अनन्या ।  तुम्हीं छिन्नमस्ता शुचिधन्या।। धूमावती षोडशी माता ।  बगला मातंगी  विख्याता।। ** तुम भैरवी मातु तुम कमला ।  रक्तदन्तिका कीरति अमला।। शाकम्भरी कौशिकी भीमा ।  महातमा अग जग की सीम...

जय काली कंकाल मालिनी | Jay Kali Kankal Malini | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi

जय काली कंकाल मालिनी | Jay Kali Kankal Malini | काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi ** दोहा ** जय जय सीताराम के  मध्यवासिनी अम्ब देहु दरश जगदम्ब अब  करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका  जय दश विद्या वृन्द, काली चालीसा रचत  एक सिद्धि कवि हिन्द ॥ प्रातः काल उठ जो पढ़े  दुपहरिया या शाम, दुःख दरिद्रता दूर हों  सिद्धि होय सब काम ॥ ** चौपाई ** जय काली कंकाल मालिनी जय मंगला महाकपालिनी ॥ रक्तबीज वधकारिणी माता, सदा भक्तन की सुखदाता ॥ ** शिरो मालिका भूषित अंगे, जय काली जय मद्य मतंगे ॥ हर हृदयारविन्द सुविलासिनी, जय जगदम्बा सकल दुःख नाशिनी ॥ ** ह्रीं काली श्रीं महाकाराली, क्रीं कल्याणी दक्षिणाकाली ॥ जय कलावती जय विद्यावति, जय तारासुन्दरी महामति ॥ ** देहु सुबुद्धि हरहु सब संकट, होहु भक्त के आगे परगट ॥ जय ॐ कारे जय हुंकारे, महाशक्ति जय अपरम्पारे ॥ ** कमला कलियुग दर्प विनाशिनी, सदा भक्तजन की भयनाशिनी ॥ अब जगदम्ब न देर लगावहु, दुख दरिद्रता मोर हटावहु ॥ ** जयति कराल कालिका माता, कालानल समान घुतिगाता ॥ जयशंकरी सुरेशि सनातनि, कोटि सिद्धि कवि मातु पुरातनी ॥  ** क...

जयकाली कलिमलहरण | Jay Kali Kalimalharan | श्री काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi

जयकाली कलिमलहरण | Jay Kali Kalimalharan | श्री काली चालीसा | Kali Chalisa Lyrics in Hindi ** दोहा ** जयकाली कलिमलहरण महिमा अगम अपार महिष मर्दिनी कालिका  देहु अभय अपार ** अरि मद मान मिटावन हारी।  मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता ।  दुष्टदलन जग में विख्याता ॥ ** भाल विशाल मुकुट छवि छाजै ।  कर में शीश शत्रु का साजै ॥ दूजे हाथ लिए मधु प्याला ।  हाथ तीसरे सोहत भाला ॥ ** चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे ।  छठे त्रिशूल शत्रु बल जांचे ॥ सप्तम करदमकत असि प्यारी ।  शोभा अद्भुत मात तुम्हारी ॥ ** अष्टम कर भक्तन वर दाता ।  जग मनहरण रूप ये माता ॥ भक्तन में अनुरक्त भवानी ।  निशदिन रटें ॠषी-मुनि ज्ञानी ॥ ** महशक्ति अति प्रबल पुनीता ।  तू ही काली तू ही सीता ॥ पतित तारिणी हे जग पालक ।  कल्याणी पापी कुल घालक ॥ ** शेष सुरेश न पावत पारा ।  गौरी रूप धर्यो इक बारा ॥ तुम समान दाता नहिं दूजा ।  विधिवत करें भक्तजन पूजा ॥ ** रूप भयंकर जब तुम धारा ।  दुष्टदलन कीन्हेहु संहारा ॥ नाम अनेकन मात तुम्हारे ।  भक्तजनों के संकट टारे ॥ ** कलि ...

नित्य आनंद करिणी माता | Nitya Anand Karni Mata | Shri Annapurna Chalisa Lyrics in Hindi

नित्य आनंद करिणी माता | Nitya Anand Karni Mata | Shri Annapurna Chalisa Lyrics in Hindi ** संक्षिप्‍त परिचय - अन्नपूर्णा दो शब्दों से मिलकर बना है- 'अन्न' का अर्थ है भोजन और 'पूर्णा' का अर्थ है 'पूरी तरह से भरा हुआ'। अन्नपूर्णा भोजन और रसोई की देवी हैं। वह देवी पार्वती का अवतार हैं जो शिव की पत्नी हैं। वह पोषण की देवी हैं और अपने भक्तों को कभी भोजन के बिना नहीं रहने देतीं। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि अन्न की देवी माता अन्नपूर्णा (Goddess Annapurna) की तस्वीर रसोईघर में लगाने से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती है। उनका दूसरा नाम 'अन्नदा' है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार पृथ्वी पर सूखा पड़ गया. जमीन बंजर हो गई. फसलें, फलों आदि की पैदावार ना होने से जीवन का संकट आ गया. तब भगवान शिव ने पृथ्वीवासियों के कल्याण के लिए भिक्षुक का स्वरूप धारण किया और माता पार्वती ने मां अन्नपूर्णा का अवतार लिया। देवी दुर्गा शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक हैं, देवी लक्ष्मी धन और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती हैं, देवी सरस्वती ज्ञान और शिक्षा से जुड़ी हैं, देवी काली व्यक्त...

नमस्कार चामुंडा माता | Namaskar Chamunda Mata | मॉं चामुंडा चालीसा | Ma Chamunda Chalisa Lyrics in Hindi

नमस्कार चामुंडा माता | Namaskar Chamunda Mata | मॉं चामुंडा चालीसा | Ma Chamunda Chalisa Lyrics in Hindi *** ॥ दोहा ॥  नीलवर्ण मॉं कालिका  रहतीं सदा प्रचण्ड।  दस हाथों में शस्त्र धर  देतीं दुष्ट को दण्ड॥ **  मधु कैटभ संहार कर  करी धर्म की जीत।  मेरी भी बाधा हरो  हों जो कर्म पुनीत ॥ ***** ॥ चौपाई॥  नमस्कार चामुंडा माता।  तीनों लोकों में विख्याता ॥ हिमालय में पवित्र धाम है।  महाशक्ति तुमको प्रणाम है॥  ** मार्कण्डेय ऋषि ने घ्याया ।  कैसे प्रगटीं भेद बताया॥ शुभ निशुंभ दो दैत्य बलशाली।  तीनों लोक जो कर दिए खाली ॥ ** वायु अग्नि यम कुबेर संग।  सूर्य चंद्र वरुण हुए तंग ॥ अपमानित चरणों में आए।  गिरिराज हिमालय को लाए॥  ** भद्रा-रौद्रा नित्या ध्याया ।  चेतन शक्ति करके बुलाया॥ क्रोधित होकर काली आई।  जिसने अपनी लीला दिखाई॥ ** चंड मुंड और शुंभ पठाए।  कामुक वैरी लड़ने आए ॥  पहले सुग्रीव दूत को मारा।  भागा चंड भी मारा मारा॥  ** अरबों सैनिक लेकर आया।  धून लोचन क्रोध दिखाया॥  जैसे ...

श्री गोलू देव चालीसा || Shri Golu Dev Chalisa Lyrics in Hindi || Lyrics in English

श्री गोलू देव चालीसा || Shri Golu Dev Chalisa Lyrics in Hindi || Lyrics in English ॥ दोहा ॥   बुद्धिहीन हूँ नाथ मैं , करो बुद्धि का दान। सत्य न्याय के धाम तुम , हे गोलू भगवान।।   जय काली के वीर सुत , हे गोलू भगवान। सुमिरन करने मात्र से , कटते कष्ट महान।।   जप कर तेरे नाम को , खुले सुखों के द्वार। जय जय न्याय गौरिया नमन करे स्वीकार।।   ।। चौपाई ।।   जय जय ग्वेल महाबलवाना। हम पर कृपा करो भगवाना।।   न्याय सत्य के तुम अवतारा। दुखियों का दुख हरते सारा ।।   द्वार पे आके जो भी पुकारे। मिट जाते पल में दुख सारे।।   तुम जैसा नहीं कोई दूजा । पुनित होके भी बिन सेवा पूजा ।।   शरण में आये नाथ तिहारी। रक्षा करना हे अवतारी ।।   माँ की सौत थी अत्याचारी । तुमको कष्ट दिये अतिभारी ।।   झाड़ी में तुमको गिरवाया। विविध भांतिथा तुम्हे सताया ।।   नदी मध्य जल में डुबवाया। फिर भी मार तुम्हें नहीं पाया ।।   सरल हृदय था धेवरहे का। हरिपद रति बहुनिगुनविवेका।।   भाना नाम...