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बृहस्‍पतिवार के व्रत की सम्‍पूर्ण पौराणिक कथा | Brihaspativar Vrat Ki Sampurna Pauranik Katha | Vrihaspativar Vrat Katha

बृहस्‍पतिवार के व्रत की सम्‍पूर्ण पौराणिक कथा | Brihaspativar Vrat Ki Sampurna Pauranik Katha | Vrihaspativar Vrat Katha ** ** वृहस्पतिवार के व्रत की विधि | Vrihaspativar Ke Vrat Ki Vidhi | Brihaspativar Vrat Ki Vidhi ** वृहस्पतिवार के दिन जो भी स्त्री-पुरुष व्रत करे उनको चाहिए कि वे दिन में एक ही समय भोजन करें। क्योंकि वृहस्पतेश्वर भगवान् का इस दिन पूजन होता है, भोजन पीले चने की दाल आदि का करें परन्तु नमक नहीं खावें और पीले वस्त्र पहनें, पीले ही फलों का प्रयोग करें, पीले चन्दन से पूजन करें। पूजन के बाद प्रेमपूर्वक गुरु महाराज की कथा सुननी चाहिए। इस व्रत को करने से मन की इच्छाएं पूरी होती हैं और वृहस्पति महाराज प्रसन्न होते हैं। धन, पुत्र, विद्या तथा मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। परिवार को सुख तथा शान्ति मिलती है, इसलिए यह व्रत सर्वश्रेष्ठ और अति फलदायक सब स्त्री व पुरुषों के लिए है। इस व्रत में केले का पूजन करना चाहिए। कथा और पूजन के समय मन, क्रम, वचन से शुद्ध होकर जो इच्छा हो वृहस्पतिदेव से प्रार्थना करनी चाहिए। उनकी इच्छाओं को वृहस्पति देव अवश्य पूर्ण करते हैं ऐसा मन में दृढ़ व...

Jay Kapi Badvanta | जय कपि बडवंता | श्री कष्टभंजन हनुमानजी की आरती | Shri Kashtbhanjan Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

Jay Kapi Badvanta | जय कपि बडवंता | श्री कष्टभंजन हनुमानजी की आरती | Shri Kashtbhanjan Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English   ** ** जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता सुर नर मुनिजन वंदित सुर नर मुनिजन वंदित पदरज हनुमंता जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बलवंता ** प्रौढ़ प्रताप पवनसुत त्रिभुवन जयकारी प्रभु त्रिभुवन जयकारी असुर रिपू मदगंजन असुर रिपू मद गंजन भय संकट हारी जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता ** जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता सुर नर मुनिजन वंदित सुर नर मुनिजन वंदित पदरज हनुमंता जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता ** भूत पिशाच विकट ग्रह पीड़त नही जम्पे प्रभु पीड़त नही जम्पे हनुमंत हाक सुणीने  हनुमंत हाक सुणीने  थर थर थर कंपे प्रभु थर थर थर कंपे जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बलवंता ** जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता सुर नर मुनिजन वंदित सुर नर मुनिजन वंदित पदरज हनुमंता जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता ** रघुवीर सहाय ओढंग्यो सागर अति भारी प्रभु सागर अति भारी सीता सोध ले आए सीता सोध ले आए कपि लंका जारी जय कपि बडवंता प्रभु जय कपि बडवंता ** जय कपि बडवंता प्रभु जय कप...