तुहिन गिरिमधि परम सुखप्रद आश्रमं अतिशोभितम् | श्रीबदरीनाथ-महिमा | Shri Badrinath Mahima Lyrics in Hindi and English
तुहिन गिरिमधि परम सुखप्रद आश्रमं अतिशोभितम् | श्रीबदरीनाथ-महिमा | Shri Badrinath Mahima Lyrics in Hindi and English ** तुहिन गिरिमधि परम सुखप्रद आश्रमं अतिशोभितम् जहँ बसत सब सुर मुकुटमणि श्रीबद्रीनाथ जगत्प्रभुम् ** बहत सुरसरि-धार निर्मल अघसमूह निकन्दनम् सिद्ध-मुनि-सुर करत जय जय श्रीबद्रीनाथ जगत्प्रभुम् ** चलत मंद सुगन्ध शीतल वायु, पुष्प सुशोभितम् शक्ति-शेष-महेश श्रीबद्रीनाथ सुमिरत जगत्प्रभुम् ** वदत सनकादिक वेदवाक्य महामुनि निरन्तरम् ब्रह्म-नारद करत श्रीबद्रीनाथ स्तुति जगत्प्रभुम् ** सकल जगदाधार ब्रह्म अलख व्यापक अनामयम् जगत व्याप्त अपार श्रीबद्रीनाथ महिमा जगत्प्रभुम् ** इन्द्र उद्धव चन्द्र रवि गन्धर्व सेवत तत्परम् करत कमला सतत श्रीबद्रीनाथ सेवा जगत्प्रभुम् ** ज्योति योग साधत योगि निशिदिन निरखत संततम् श्रीबद्रीनाथ कृपा कीजै भक्तजन पर जगत्प्रभुम् ** अज अनामय ईश गो- द्विजपालकं सुर वन्दितम् विश्वपालक असुर-घालक श्रीबद्रीनाथ जगत्प्रभुम् ** जपत निशिदिन नाम तव जो लहत भक्ति सुजीवनम् दासपर...