Kanya Sankranti: कन्या संक्रांति के दिन इस कथा का करें पाठ, सूर्यदेव की बनी रहेगी कृपा! ** ** कन्या संक्रांति का परिचय (Kanya Sankranti Kya Hai) ** सनातन धर्म में सूर्य देव का विशेष महत्व है। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन को संक्रांति (Sankranti) कहा जाता है। वर्ष भर में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं और प्रत्येक का अपना आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व है। ** कन्या संक्रांति (Kanya Sankranti) तब होती है जब सूर्य कन्या राशि (Virgo) में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद पवित्र और शुभ दिन माना गया है। इस दिन सूर्य देव की उपासना, व्रत, कथा पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, संतान सुख और परिवार में खुशहाली आती है। ** कन्या संक्रांति पूजा विधि (Kanya Sankranti Ki Pooja Vidhi) ** कन्या संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए और शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद निम्नलिखित विधि से पूजा करने का विधान है – 1. स्नान और अर्घ्यदान – तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, गुड़...
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