श्री बृहस्पति देव जी की आरती || Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti || जय बृहस्पति देवा || Jay Brihaspati Deva
श्री बृहस्पति देव जी की आरती || Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti || जय बृहस्पति देवा || Jay Brihaspati Deva जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा। छिन छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा॥ ॐ जय बृहस्पति देवा ।।१।। तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी। जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय बृहस्पति देवा।।२।। चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता। सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता।। ॐ जय बृहस्पति देवा।।३।। तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े। प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥ ॐ जय बृहस्पति देवा।।४।। दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी। पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी॥ ॐ जय बृहस्पति देवा।।५।। सकल मनोरथ दायक, सब संशय हारी। विषय विकार मिटाओ, संतन सुखकारी॥ ॐ जय बृहस्पति देवा।।६।। जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे। जेष्ठानंद आनंदकर, सो निश्चय पावे॥ ॐ जय बृहस्पति देवा।।७।। सब बोलो विष्णु भगवान की जय! बोलो बृहस्पतिदेव की जय!! ***** विनम्र अनुरोध: अपनी उपस्थिति दर्ज करने एवं हमारा उत्साहवर्धन करने हेतु कृपया टिप्पणी (comments) में जय श्री बृहस्पति देेव अवश्य अंकित करें। ***** Click Here to Join T...