सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Monday/सोमवार लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

श्रीकाशीविश्वनाथस्तुतिः // Shri Kashi Vishwanath Stutih

श्रीकाशीविश्वनाथस्तुतिः // Shri Kashi Vishwanath Stutih // Lyrics in Hindi // Lyrics in English दुर्गाधीशो द्रुतिज्ञो द्रुतिनुतिविषयो दूरदृष्टिर्दुरीशो दिव्यादिव्यैकराध्यो द्रुतिचरविषयो दूरवीक्षो दरिद्रः । देवैः सङ्कीर्तनीयो दलितदलदयादानदीक्षैकनिष्ठो दानी दीनार्तिहारी भवदवदहनो दीयतां दृष्टिवृष्टिः ॥ 1॥ क्षेत्रज्ञः क्षेत्रनिष्ठः क्षयकलितकलः क्षात्रवर्गैकसेव्यः क्षेत्राधीशोऽक्षरात्मा क्षितिप्रथिकरणः क्षालितः क्षेत्रदृश्यः । क्षोण्या क्षीणोऽक्षरज्ञो क्षरपृथुकलितः क्षीणवीणैकगेयः क्षौरः क्षोणीध्रवर्ण्यः क्षयतु मम बलक्षीणतां सक्षणं सः ॥ 2॥ क्रूरः क्रूरैककर्मा कलितकलकलैः कीर्तनीयः कृतिज्ञः कालः कालैककालो विकलितकर्णः कारणाक्रान्तकीर्तिः । कोपः कोपेऽप्यकुप्यन् कुपितकरकराघातकीलः कृतान्तः कालव्यालालिमालः कलयतु कुशलं वः करालः कृपालुः ॥ 3॥ गौरी स्निह्यतु मोदतां गणपतिः शुण्डामृतं वर्षताद् नन्दीशः शुभवृष्टिमावितनुतां श्रीमान् गणाधीश्वरः । वायुः सान्द्रसुखावहः प्रवहतां देवाः समृद्धादयाः सम्पूर्तिं दधतां सुखस्य नितरां विश्वेश्वरः प्रीयताम् ॥ 4॥ श्रीविश्वेश्वरमन्दिरं प्रविलसेत् सम्पूर्णसिद्धं शुभं पुष्ट...

आरती भगवान श्रीशंकर //जयति जयति जग-निवास // Jayati Jayati Jag Nivas // Shankar Bhagwan ki Aarti in Hindi // Lyrics in Hindi

आरती भगवान श्रीशंकर // जयति जयति जग-निवास // Jayati Jayati Jag Nivas // Shankar Bhagwan ki Aarti in Hindi जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। अजर अमर अज अरूप, सत चित आनंदरूप, व्यापक ब्रह्मस्वरूप, भव! भव-भय-हारी ।।  जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। शोभित बिधुबाल भाल, सुरसरिमय जटाजाल, तीन नयन अति विशाल, मदन-दहन-कारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। भक्तहेतु धरत शूल, करत कठिन शूल फूल, हियकी सब हरत हूल, अचल शान्तिकारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। अमल अरुण चरण कमल, सफल करत काम सकल, भक्ति-मुक्ति देत विमल, माया-भ्रम-टारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। कार्तिकेययुत गणेश, हिमतनया सह महेश, राजत कैलास-देश, अकल कलाधारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। भूषण तन भूति व्याल, मुण्डमाल कर कपाल, सिंह-चर्म हस्ति खाल, डमरू कर धारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। अशरण जन नित्य शरण, आशुतोष आर्तिहरण, सब बिधि कल्याण-करण, जय जय त्रिपुरारी ।। जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी।। ***** यह भी पढें - सोमवार के पूजन एवं व्रत कथायें   मंगलवार के पूजन एवं व्रत कथायें  बुधवा...

श्रीललितासहस्रनामस्तोत्र || Shri Lalitasahasranam Stotra || सिन्दूरारुण विग्रहां || Sindurarun Vigraham || श्रीमाता श्रीमहाराज्ञी || Shri Mata Shri Maharagyi// Lyrics in Hindi

श्रीललितासहस्रनामस्तोत्र || Shri Lalitasahasranam Stotra || सिन्दूरारुण विग्रहां || Sindurarun Vigraham || श्रीमाता श्रीमहाराज्ञी || Shri Mata Shri Maharagyi अस्य श्रीललितासहस्रनामस्तोत्रमाला मन्त्रस्य । वशिन्यादिवाग्देवता ऋषयः । अनुष्टुप् छन्दः । श्रीललितापरमेश्वरी देवता । श्रीमद्वाग्भवकूटेति बीजम् । मध्यकूटेति शक्तिः । शक्तिकूटेति कीलकम् । श्रीललितामहात्रिपुरसुन्दरी-प्रसादसिद्धिद्वारा चिन्तितफलावाप्त्यर्थे जपे विनियोगः । ॥ ध्यानम् ॥ Dhyanam  सिन्दूरारुण विग्रहां त्रिनयनां माणिक्यमौलि स्फुरत् तारा नायक शेखरां स्मितमुखी मापीन वक्षोरुहाम् । पाणिभ्यामलिपूर्ण रत्न चषकं रक्तोत्पलं बिभ्रतीं सौम्यां रत्न घटस्थ रक्तचरणां ध्यायेत् परामम्बिकाम् ॥ अरुणां करुणा तरङ्गिताक्षीं धृत पाशाङ्कुश पुष्प बाणचापाम् । अणिमादिभि रावृतां मयूखै- रहमित्येव विभावये भवानीम् ॥ ध्यायेत् पद्मासनस्थां विकसितवदनां पद्मपत्रायताक्षीं हेमाभां पीतवस्त्रां करकलितलसद्धेमपद्मां वराङ्गीम् । सर्वालङ्कार युक्तां सतत मभयदां भक्तनम्रां भवानीं श्रीविद्यां शान्त मूर्तिं सकल सुरनुतां सर्व सम्पत्प्रदात्रीम् ॥ सकुङ्कुम विलेपनामलिकच...

श्री भैरव चालीसा || जय जय श्री काली के लाला || Jay Jay Shri Kali Ke Lala || Shri Bhairav Chalisa || Kashi Kotwal Chalisa || Bhairav Stuti lyrics in Hindi

श्री भैरव चालीसा ||जय जय श्री काली के लाला ||  Jay Jay Shri Kali Ke Lala || Shri Bhairav Chalisa || Kashi Kotwal Chalisa || Bhairav Stuti lyrics in Hindi  ** श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ। चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ॥ श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल। श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल॥ ** ** जय जय श्री काली के लाला। जयति जयति काशी-कुतवाला॥ ** जयति बटुक-भैरव भय हारी। जयति काल-भैरव बलकारी॥ ** जयति नाथ-भैरव विख्याता। जयति सर्व-भैरव सुखदाता॥ ** भैरव रूप कियो शिव धारण। भव के भार उतारण कारण॥ ** बटुक नाथ हो काल गंभीरा।  श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा॥ ** करत नीनहूं रूप प्रकाशा।  भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा।। ** रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन।  व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन।। ** तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं।  विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं।। ** जय प्रभु संहारक सुनन्द जय।  जय उन्नत हर उमा नन्द जय।। ** भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय।  वैजनाथ श्री जगतनाथ जय।। ** महा भीम भीषण शरीर जय।  रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय।। ** अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय।  स्वानारूढ...

श्री शीतला माता की चालीसा || जय जय माता शीतला तुमहिं धरै जो ध्यान || Shri Sheetala Chalisa || Jay Jay Mata Sheetala || Sheetala Stuti

 श्री शीतला माता की चालीसा // जय जय माता शीतला  तुमहिं धरै जो ध्यान // Shri Sheetala Chalisa // Jay Jay Mata Sheetala // Sheetala Stuti  श्री शीतला धाम कड़े कौशाम्‍बी उ०प्र० ।।दोहा।। जय जय माता शीतला तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय विकसै बंद्धि बल ज्ञान।। घट -घट वासी शीतला शीतल प्रभा तुम्हार। शीतल छइयां में झुलइ मइया पलना डार।। ।। चौपाई ।। जय-जय- जय श्री शीतला भवानी। जय जग जननि सकल गुणखानी। गृह -गृह शक्ति तुम्हारी राजित। पूरण शरद चंद्र सम साजित।। विस्फोटक से जलत शरीरा। शीतल करत हरत सब पीरा।। मात शीतला तव शुभनामा। सबके गाढे आवहिं कामा।। शोकहरी शंकरी भवानी। बाल-प्राणक्षरी सुख दानी।। शुचि मार्जनी कलश कर राजै। मस्तक तेज सूर्य सम राजै।। चौसठ योगिन संग में गावैं। वीणा ताल मृदंग बजावै।। नृत्य नाथ भैरौं दिखलावैं। सहज शेष शिव पार ना पावैं।। धन्य धन्य धात्री महारानी। सुरनर मुनि तव सुयश बखानी।। ज्वाला रूप महा बलकारी। दैत्य एक विस्फोटक भारी।। घर घर प्रविशत कोई न रक्षत। रोग रूप धरि बालक भक्षत।। हाहाकार मच्यो जगभारी। सक्यो न जब यह संकट टारी।। तब मैंय्या धरि अद्भुत रूपा। कर में ...