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जय गङ्गा मैया-माँ जय सुरसरि मैया | श्रीगङ्गाजी की स्‍तुति लिरिक्‍स |Shri Ganga Ji ki Stuti Lyrics in Hindi and English

जय गङ्गा मैया-माँ जय सुरसरि मैया | श्रीगङ्गाजी की स्‍तुति  |Shri Ganga Ji ki Stuti Lyrics in Hindi and English ** जय गङ्गा मैया-माँ जय सुरसरि मैया।  भव-वारिधि उद्घारिणि अतिहि सुदृढ़ नैया ॥ ** हरि-पद-पद्म-प्रसूता विमल वारिधारा।  ब्रह्मद्रव भागीरथि शुचि पुण्यागारा ॥ ** शंकर-जटा बिहारिणि हारिणि त्रय-तापा।  सगर-पुत्र-गण-तारिणि, हरणि सकल पापा ॥ ** गङ्गा-गङ्गा जो जन उच्चारत मुखसों।  दूर देशमें स्थित भी तुरत तरत सुखसों ॥ ** मृतकी अस्थि तनिक तुव जल-धारा पावै।  सो जन पावन होकर परम धाम जावै ॥ ** तव तटबासी तरुवर, जल-थल-चरप्राणी ।  पक्षी-पशु-पतंग गति पावैं निर्वाणी ॥ ** मातु ! दयामयि कीजै दीननपर दाया।  प्रभु-पद-पद्म मिलाकर हरि लीजै माया ॥ ***** जय गङ्गा मैया-माँ जय सुरसरि मैया | श्रीगङ्गाजी की स्‍तुति  |Shri Ganga Ji ki Stuti Lyrics in Hindi and English ** Jaya gangā maiyā-mā jaya surasari maiyā।  Bhava-vāridhi udghāriṇi atihi sudṛuḍha naiyā ॥ ** Hari-pada-padma-prasūtā vimal vāridhārā।  Brahmadrav bhāgīrathi shuchi puṇyāgārā ॥ ** Shankara-jaṭā...

मुरारिकायकालिमा ललामवारिधारिणी | श्रीयमुना अष्‍टक लिरिक्‍स |Shri Yamuna Ashtak Lyrics in Hindi and English

मुरारिकायकालिमा ललामवारिधारिणी | श्रीयमुना अष्‍टक  |Shri Yamuna Ashtak Lyrics in Hindi and English ** मुरारिकायकालिमा ललामवारिधारिणी तृणीकृतत्रिविष्टपा त्रिलोकशोकहारिणी। मनोSनुकूलकूल कुंजपुंजधूतदुर्मदा धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।1।। ** मलापहारिवारिपूरभूरिमण्डितामृता भृशं प्रपातकप्रवंचनातिपण्डितानिशम्। सुनन्दनन्दनांगसंगरागरंजिता हिता।  धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।2।। ** लसत्तरंगसंगधूत भूतजातपातका नवीनमाधुरीधुरीण भक्तिजातचातका। तटान्तवासदासहंस संसृता हि कामदा।  धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।3।। ** विहाररासखेदभेद धीरतीरमारुता गता गिरामगोचरे यदीयनीरचारुता। प्रवाहसाहचर्यपूत मेदिनीनदीनदा।  धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।4।। ** तरंगसंगसैकतांचितान्तरा सदासिता शरन्निशाकरांशु मंजुमंजरीस-भाजिता। भवार्चनाय चारुणाम्बुनाधुना विशारदा।  धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।5।। ** जलान्तकेललिकारिचारुराधिकांगरागिणी स्वभर्तुरन्य दुर्लभांग संगतांशभागिनी। स्वदत्तसुप्तसप्त सिन्धुभेदनातिकोविदा।  धुनोतु मे मनोमलं कलिन्दनन्दिनी सदा।।6।। ** जलच्युता-ऽच्युत...

जय कालिंदी हरिप्रिया जय | श्रीयमुना जी की स्‍तुति लिरिक्‍स |Shri Yamuna Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय कालिंदी हरिप्रिया जय | श्रीयमुना जी की स्‍तुति  |Shri Yamuna Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** जय कालिंदी हरिप्रिया जय।  जय रबि-तनया तपोमयी जय ॥ ** जय श्यामा अति अभिरामा जय।  जय सुखदा श्रीहरि रामा जय ॥ ** जय ब्रज-मण्डल-वासिनि जय जय ।  जय द्वारकानिवासिनि जय जय ॥ ** जय कलि-कलुष-नसावनि जय जय ।  जय यमुने जय पावनि, जय जय ॥ ** जय निर्वाण-प्रदायिनि जय जय ।  जय हरि-प्रेम-दायिनी जय जय ॥ ***** जय कालिंदी हरिप्रिया जय | श्रीयमुना जी की स्‍तुति  |Shri Yamuna Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** Jaya kāliandī haripriyā jaya।  Jaya rabi-tanayā tapomayī jaya ॥ ** Jaya shyāmā ati abhirāmā jaya।  Jaya sukhadā shrīhari rāmā jaya ॥ ** Jaya braja-maṇḍala-vāsini jaya jaya ।  Jaya dvārakānivāsini jaya jaya ॥ ** Jaya kali-kaluṣha-nasāvani jaya jaya ।  Jaya yamune jaya pāvani, jaya jaya ॥ ** Jaya nirvāṇa-pradāyini jaya jaya ।  Jaya hari-prema-dāyinī jaya jaya ॥ *****

जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते| श्रीनर्मदा जी की स्‍तुति लिरिक्‍स |Shri Narmada Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते| श्रीनर्मदा जी की स्‍तुति  |Shri Narmada Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते।  नीराजयामि नाशिततापत्रयजाते ॥ टेक ॥ ** वारितसंसृतिभीते सुरवरमुनिगीते ।  सुखदे पावनकीर्ते शङ्करतनुजाते ॥  देवापगाधितीर्थे दत्ताग्र्यपुमर्थे ।  वाचामगम्यकीर्ते जलमयसन्मूर्ते ॥  ** जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते।  नीराजयामि नाशिततापत्रयजाते ॥ टेक ॥ ** नन्दनवनसमतीरे स्वादुसुधानीरे ।  दर्शितभवपरतीरे दमितांतकसारे ॥  सकलक्षेमाधारे वृतपारावारे ।  रक्षास्मानतिघोरे मग्ग्रान् संसारे ॥  ** जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते।  नीराजयामि नाशिततापत्रयजाते ॥ टेक ॥ ** स्वयशः पावितजीवे मामुद्धर रेवे।  तीरं ते खलु सेवे त्वयि निश्चितभावे ॥  कृतदुष्कृतदवदावे त्वत्पदराजीवे ।  तारक इह मेऽतिजवे भक्त्या ते सेवे ॥ ** जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते।  नीराजयामि नाशिततापत्रयजाते ॥ टेक ॥ ***** जय जय नर्मद ईश्वरि मेकलसंजाते| श्रीनर्मदा जी की स्‍तुति  |Shri Narmada Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and En...

जय जय श्रीबदरीनाथ जयति योग-ध्यानी | श्रीबदरीनाथ जी की आरती | Shri Badrinath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय जय श्रीबदरीनाथ जयति योग-ध्यानी | श्रीबदरीनाथ जी की आरती | Shri Badrinath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ** निर्गुण सगुण स्वरूप  मेघवर्ण अति अनूप  सेवत चरण सुरभूप  ज्ञानी विज्ञानी  ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ** झलकत है शीश छत्र  छबि अनूप अति विचित्र  बरनत पावन चरित्र  सकुचत बखानी  ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ** तिलक भाल अति विशाल  गलमें मणि-मुक्त-माल  प्रनतपाल अति दयाल  सेवक सुखदानी  ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ** कानन कुंडल ललाम  मूरति सुखमाकी धाम  सुमिरत हों सिद्धि काम  कहत गुण बखानी  ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ** गावत गुण शंभु-शेष  इन्द्र-चन्द्र अरु दिनेश  विनवत श्यामा हमेश  जोरि जुगल पानी ** जय जय श्रीबदरीनाथ  जयति योग-ध्यानी  ***** जय जय श्रीबदरीनाथ जयति योग-ध्यानी | श्रीबदरीनाथ जी की आरती | Shri Badrinath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi a...

पवन मंद सुगंध शीतल हेममन्दिर शोभितम् | श्रीबदरीनाथ-स्तुति | Shri Badrinath Stuti Lyrics in Hindi and English

पवन मंद सुगंध शीतल हेममन्दिर शोभितम् | श्रीबदरीनाथ-स्तुति | Shri Badrinath Stuti Lyrics in Hindi and English ** पवन मंद सुगंध शीतल  हेममन्दिर शोभितम्   निकट गङ्गा बहत निर्मल  श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्  ** शेष सुमिरन करत निशिदिन  ध्यान धरत महेश्वरम्  श्री वेद ब्रह्मा करत स्तुति  श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्  ** इन्द्र चन्द्र कुबेर दिनकर  धूप दीप निवेदितम्   सिद्ध मुनिजन करत जय जय  श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्  ** शक्ति गौरि गणेश शारद  नारद मुनि उच्चारणम्   योग ध्यान अपार लीला  श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्  ** यक्ष किन्नर करत कौतुक  गान गन्धर्व प्रकाशितम्   श्रीभूमि लक्ष्मी चॅवर डोलैं  श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्  ** कैलासमें एक देव निरंजन  शैल-शिखर महेश्वरम्  राजा युधिष्ठिर करत स्तुति  श्रीबद्रीनाथविश्वम्भरम्   ** श्रीबदरीनाथ (जी) की परम स्तुति  यह पढ़त पाप विनाशनम्   कोटि-तीर्थ सुपुण्य सुन्दर  सहज अति फलदायकम्  ***** पवन मंद सुगंध शीतल...