सोमवार, 6 जुलाई 2026

जय श्री नंदी सती | Jay Shri Nandi Sati Aarti Lyrics in Hindi and English

जय श्री नंदी सती | Jay Shri Nandi Sati Aarti Lyrics in Hindi and English
*
जय श्री नंदी सती आरती माता जगदम्बा की महिमा का गुणगान करने वाली अत्यंत पावन आरती है। इस आरती में माँ नंदी सती से भक्तों के समस्त संकट, भय, दुख और विपत्तियों को दूर करने की प्रार्थना की गई है। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ जय श्री नंदी सती आरती का नियमित पाठ करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
*
इस पवित्र आरती में माँ के दिव्य स्वरूप, भव्य मंदिर, अखण्ड ज्योति, शंख, घड़ियाल, मृदंग तथा सप्त मातृकाओं द्वारा की जाने वाली आराधना का सुंदर वर्णन मिलता है। आरती का प्रत्येक पद भक्तों को माँ की असीम कृपा, करुणा और संरक्षण का अनुभव कराता है।
*
इस लेख में आपको जय श्री नंदी सती आरती के सम्पूर्ण बोल (Lyrics) हिंदी एवं English Transliteration में उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी आसानी से इसका पाठ कर सकें। यदि आप प्रतिदिन माता नंदी सती की आरती का पाठ करते हैं, तो यह आपकी भक्ति को और अधिक दृढ़ बनाता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
जय श्री नंदी सती माता की जय!
*
जय श्री नंदी सती, 
मैया जय जगदम्बा माता।
अपने भक्त जनों की मैया, 
दूर करो विपत्ति। जय...॥
*
अवनि अनन्तर ज्योति अखण्डित, 
पीड़ित चहुँ कुंभमा।
दुर्जन दलन दुखहर्ता की, 
विलस सदा प्रतिपाला। जय...॥
*
मरकत मणि मन्दिर अति मनोहर, 
शोभा लखे न परे।
ललित ध्वजा चहुँ ओर, 
कंचन कलश धरे। जय...॥
*
घण्टा घनन घड़ियाल बाजत, 
शंख मृदंगा घुरे।
किन्नर गायन करते, 
देव-बन्दन उचरे। जय...॥
*
सप्त मातृका करे आरती, 
पुराण ध्यान धरे।
विविध प्रकार के व्यंजन, 
श्री फल भेंट धरे। जय...॥
*
संकट विकट विदारिणी, 
नाशिन हो कुमति।
सेवक जन दृढ़ पलनी, 
सुहृद वस सुभगति। जय...॥
*
अमल कमल दल लोचनि, 
मोचनि भय तापा।
दास आयो शरण आपकी, 
लाज रखो माता। जय...॥
*
या मैया जी की आरती 
प्रतिदिन जो कोई नर गावे।
सर्वसिद्धि नवनिधि, 
मनवांछित फल पावे॥जय...॥
***
Jai Shri Nandi Sati,
Maiya Jai Jagadamba Mata.
Apne Bhakt Janon Ki Maiya,
Door Karo Vipatti. Jai...॥
*
Avani Anantar Jyoti Akhandit,
Peedit Chahun Kumbhma.
Durjan Dalan Dukhaharta Ki,
Vilas Sada Pratipala. Jai...॥
*
Marakat Mani Mandir Ati Manohar,
Shobha Lakhe Na Pare.
Lalit Dhwaja Chahun Or,
Kanchan Kalash Dhare. Jai...॥
*
Ghanta Ghanan Ghadiyal Bajat,
Shankh Mridanga Ghure.
Kinnar Gayan Karte,
Dev-Bandan Uchare. Jai...॥
*
Sapta Matrika Kare Aarti,
Puran Dhyan Dhare.
Vividh Prakar Ke Vyanjan,
Shri Phal Bhent Dhare. Jai...॥
*
Sankat Vikat Vidarini,
Nashin Ho Kumati.
Sevak Jan Dridh Palani,
Suhrid Vas Subhagati. Jai...॥
*
Amal Kamal Dal Lochani,
Mochani Bhay Tapa.
Das Aayo Sharan Aapki,
Laaj Rakho Mata. Jai...॥
*
Ya Maiya Ji Ki Aarti
Pratidin Jo Koi Nar Gaave.
Sarvasiddhi Navanidhi,
Manvanchhit Phal Paave. Jai...॥
***

श्री खाटू श्याम जी आरती | ॐ जय श्री श्याम हरे | Om Jay Shyam Hare Lyrics in Hindi and English

श्री खाटू श्याम जी आरती | ॐ जय श्री श्याम हरे | Om Jay Shyam Hare Lyrics in Hindi and English
*
श्री खाटू श्याम जी की आरती भक्तों के लिए अत्यंत श्रद्धा और आस्था का प्रतीक मानी जाती है। "ॐ जय श्री श्याम हरे" आरती का नियमित पाठ करने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान श्री श्याम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इस आरती का गायन करते हैं और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।
*
इस लेख में आपको श्री खाटू श्याम जी आरती (Shri Khatu Shyam Ji Aarti Lyrics) हिंदी तथा Om Jai Shyam Hare Lyrics in English दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे देश-विदेश में रहने वाले सभी भक्त सरलता से आरती का पाठ कर सकें। आरती में बाबा श्याम के दिव्य स्वरूप, भोग, पूजा और उनकी असीम कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से इस आरती का गायन करने पर भक्तों के दुख-दर्द दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
*
यदि आप Khatu Shyam Ji Aarti Lyrics in Hindi, Om Jai Shri Shyam Hare Lyrics, Shri Khatu Shyam Ji Aarti PDF, या Khatu Shyam Aarti English Lyrics खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण संग्रह है। श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रतिदिन इस आरती का पाठ करें तथा बाबा श्याम की कृपा का अनुभव करें। जय श्री श्याम!
*
ॐ जय श्री श्याम हरे, 
बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, 
अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
रतन जड़ित सिंहासन, 
सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, 
कुण्डल श्रवण पड़े॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
गल पुष्पों की माला, 
सिर पर मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर, 
दीपक ज्योति जले॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
मोदक खीर चूरमा, 
सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, 
सेवा नित्य करे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
झांझ कटोरा और घड़ियाल, 
शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावें, 
जय-जयकार करे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
जो ध्यावे फल पावे, 
सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, 
श्री श्याम-श्याम उचरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
'श्री श्याम बिहारीजी' की आरती, 
जो कोई नर गावे।
कहत 'आलूसिंह' स्वामी, 
मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
तन मन धन सब कुछ है तेरा, 
हो बाबा सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, 
क्या लागे मेरा॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
*
जय श्री श्याम हरे, 
बाबा श्री श्याम हरे।
निज भक्तों के तुमने, 
पूर्ण काज करे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
***
Shri Khatu Shyam Ji Aarti
*
Om Jai Shri Shyam Hare,
Baba Jai Shri Shyam Hare.
Khatu Dham Virajat,
Anupam Roop Dhare.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Ratan Jadit Singhasan,
Sir Par Chamar Dhure.
Tan Kesariya Bago,
Kundal Shravan Pade.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Gal Pushpon Ki Mala,
Sir Par Mukut Dhare.
Khevat Dhoop Agni Par,
Deepak Jyoti Jale.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Modak Kheer Churma,
Suvaran Thaal Bhare.
Sevak Bhog Lagavat,
Seva Nitya Kare.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Jhanjh Katora Aur Ghadiyal,
Shankh Mridang Ghure.
Bhakt Aarti Gaaven,
Jai-Jaikaar Kare.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Jo Dhyave Phal Paave,
Sab Dukh Se Ubare.
Sevak Jan Nij Mukh Se,
Shri Shyam-Shyam Uchare.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
'Shri Shyam Bihariji' Ki Aarti,
Jo Koi Nar Gaave.
Kahat 'Aalusingh' Swami,
Manvanchhit Phal Paave.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Tan Man Dhan Sab Kuchh Hai Tera,
Ho Baba Sab Kuchh Hai Tera.
Tera Tujhko Arpan,
Kya Laage Mera.
Om Jai Shri Shyam Hare.
*
Jai Shri Shyam Hare,
Baba Shri Shyam Hare.
Nij Bhakton Ke Tumne,
Poorn Kaaj Kare.
Om Jai Shri Shyam Hare.
***

रविवार, 5 जुलाई 2026

श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै | Nagdev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै | Nagdev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English
*
श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै ।
तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
नेत्र लाल भिरकुटी विशाला ।
चले बिन पैर सुने बिन काना ।
उनको अपना सर्वस्व दीजे।।
*
पाताल लोक में तेरा वासा ।
शंकर विघन विनायक नासा ।
भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।।
*
शीश मणि मुख विषम ज्वाला ।
दुष्ट जनों का करे निवाला ।
भगत तेरो अमृत रस पिजे।।
*
वेद पुराण सब महिमा गावें ।
नारद शारद शीश निवावें ।
सावल सा से वर तुम दीजे।।
*
नोंवी के दिन ज्योत जगावे ।
खीर चूरमे का भोग लगावे ।
रामनिवास तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
आरती श्री नागदेव जी कीजै ।।
***
Shri Naagdev Aarti Panchami ki keejai.
Tan man dhan sab arpan keejai.
Netra laal bhirkuti vishaala.
Chale bin pair sune bin kaana.
Unko apna sarvasva deeje.
*
Pataal lok mein tera vaasa.
Shankar vighan vinaayak naasa.
Bhagton ka sarv kasht har lijai.
*
Sheesh mani mukh visham jwala.
Dusht janon ka kare nivaala.
Bhagat tero amrit ras pije.
*
Ved Puraan sab mahima gaaven.
Narad Sharad sheesh nivaaven.
Saaval sa se var tum deeje.
*
Nonvi ke din jyot jagaave.
Kheer choorme ka bhog lagaave.
Raamnivaas tan man dhan sab arpan keejai.
Aarti Shri Naagdev ji keejai.
***

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English
*

आरती श्री भैरवनाथ जी की भक्तों के लिए श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। भगवान भैरवनाथ को भगवान शिव का रौद्र स्वरूप माना जाता है, जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं तथा भय, संकट, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं का नाश करते हैं। इस आरती में भक्त विनम्र भाव से भैरवनाथ जी से कृपा, मार्गदर्शन और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति की प्रार्थना करता है।
*
आरती के प्रत्येक पद में भैरवनाथ जी की महिमा, उनकी श्वान (कुत्ते) की सवारी, भूत-प्रेतों पर उनके आधिपत्य तथा मेहंदीपुर बालाजी से उनके दिव्य संबंध का सुंदर वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से इस आरती का नियमित पाठ करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
*
यदि आप आरती श्री भैरवनाथ जी की (Hindi Lyrics), Aarti Shri Bhairavnath Ji Ki Lyrics, भैरवनाथ आरती, मेहंदीपुर भैरव आरती या Bhairav Ji Aarti खोज रहे हैं, तो यहाँ आपको संपूर्ण आरती हिंदी और अंग्रेज़ी लिप्यंतरण सहित उपलब्ध है, जिससे आप आसानी से पाठ और गायन कर सकते हैं।
*
सुनो जी भैरव लाडिले, 
कर जोड़ कर विनती करूँ।
कृपा तुम्हारी चाहिए, 
मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ।
मैं चरण छूता आपके, 
अर्ज़ी मेरी सुन लीजिये।
मैं हूँ मति का मंद, 
मेरी कुछ मदद तो कीजिये।
महिमा तुम्हारी बहुत, 
कुछ थोड़ी सी मैं वर्णन करूँ।
सुनो जी भैरव…
*
करते सवारी श्वान की, 
चारों दिशा में राज्य है।
जितने भूत और प्रेत, 
सबके आप ही सरताज हैं।
हथियार हैं जो आपके, 
उसका क्या वर्णन करूँ।
सुनो जी भैरव…
*
माता जी के सामने तुम, 
नृत्य भी करते सदा।
गा गा के गुण अनुवाद से, 
उनको रिझाते हो सदा।
एक सांकली है आपकी, 
तारीफ़ उसकी क्या करूँ।
सुनो जी भैरव…
*
बहुत सी महिमा तुम्हारी, 
मेहंदीपुर सरनाम है।
आते जगत के यात्री, 
बजरंग का स्थान है।
श्री प्रेतराज सरकार के, 
मैं शीश चरणों में धरूँ।
सुनो जी भैरव…
*
निशिदिन तुम्हारे खेल से, 
माताजी खुश रहें।
सिर पर तुम्हारे हाथ रख कर, 
आशीर्वाद देती रहें।
कर जोड़ कर विनती करूँ, 
अरु शीश चरणों में धरूँ।
सुनो जी भैरव…
***
Aarti Shri Bhairavnath Ji Ki
*
Suno Ji Bhairav Laadile, 
Kar Jod Kar Vinati Karun.
Kripa Tumhari Chahiye, 
Main Dhyan Tumhara Hi Dharun.
Main Charan Chhoota Aapke, 
Arzi Meri Sun Lijiye.
Main Hoon Mati Ka Mand, 
Meri Kuchh Madad To Kijiye.
Mahima Tumhari Bahut, 
Kuchh Thodi Si Main Varnan Karun.
Suno Ji Bhairav...
*
Karte Savaari Shwaan Ki, 
Charon Disha Mein Rajya Hai.
Jitne Bhoot Aur Pret, 
Sabke Aap Hi Sartaaj Hain.
Hathiyaar Hain Jo Aapke, 
Uska Kya Varnan Karun.
Suno Ji Bhairav...
*
Maata Ji Ke Saamne Tum, 
Nritya Bhi Karte Sada.
Ga Ga Ke Gun Anuvaad Se, 
Unko Rijhaate Ho Sada.
Ek Saankali Hai Aapki, 
Taarif Uski Kya Karun.
Suno Ji Bhairav...
*
Bahut Si Mahima Tumhari, 
Mehandipur Sarnaam Hai.
Aate Jagat Ke Yaatri, 
Bajrang Ka Sthaan Hai.
Shri Pretraj Sarkar Ke, 
Main Sheesh Charanon Mein Dharun.
Suno Ji Bhairav...
*
Nishidin Tumhare Khel Se, 
Mataji Khush Rahen.
Sir Par Tumhare Haath Rakh Kar, 
Aashirvaad Deti Rahen.
Kar Jod Kar Vinati Karun, 
Aru Sheesh Charanon Mein Dharun.
Suno Ji Bhairav...
***

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English 
*

सूर्य देव आरती हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आरती मानी जाती है। भगवान सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश, स्वास्थ्य, सफलता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह आरती विशेष रूप से रविवार के दिन और सूर्य उपासना के समय श्रद्धा एवं भक्ति के साथ गाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि नियमित रूप से सूर्य देव की आरती करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
*
इस लेख में आपको Jai Kashyap-Nandan Om Jai Aditi-Nandan, जो कि प्रसिद्ध सूर्य देव आरती है, के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी में प्राप्त होंगे। साथ ही इसका सरल उच्चारण (Transliteration), पूजा विधि और आरती का धार्मिक महत्व भी बताया गया है। सूर्य देव को त्रिभुवन के अंधकार को दूर करने वाला और भक्तों के हृदय को शुद्ध करने वाला देव माना गया है।
*
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की आराधना से स्वास्थ्य में सुधार, आत्मविश्वास में वृद्धि, नेत्र रोगों में राहत तथा करियर में सफलता प्राप्त होती है। यह आरती व्यक्ति के जीवन में तेज, शक्ति और सकारात्मकता का संचार करती है।
*
यदि आप Surya Dev Aarti Lyrics, सूर्य आरती हिंदी में, Surya Bhagwan Aarti, Hindu Aarti Lyrics, या Bhakti Songs Lyrics खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका है।
*
जय कश्यप-नन्दन, 
ॐ जय अदिति-नन्दन।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, 
भक्त-हृदय-चन्दन।। टेक।।
*
सप्त-अश्व-रथ राजित, 
एक चक्रधारी।
दुःखहारी, सुखकारी, 
मानस-मल-हारी।। जय।।
*
सुर-मुनि-भूसुर-वंदित, 
विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, 
दिव्य किरण माली।। जय।।
*
सकल-सुकर्म-प्रदाता, 
सविता शुभकारी।
विश्व-विलोचन मोचन, 
भव-बंधन भारी।। जय।।
*
कमल-समूह-विकासक, 
नाशक जय तापा।
सेवत सहज हत अति 
मनुजनि-संतापा।। जय।।
*
नेत्र-व्याधि-हर सुन्दर, 
भू-पीड़ा-हारी।
वृष्टि-विमोचन संतत 
परहित-व्रतधारी।। जय।।
*
सूर्यदेव करुणाकर, 
अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, 
तत्त्वज्ञान दीजै।। जय।।
***
Jai Kashyap-Nandan,
Om Jai Aditi-Nandan.
Tribhuvan-Timir-Nikandan,
Bhakt-Hriday-Chandan.. Tek..
*
Sapt-Ashva-Rath Rajit,
Ek Chakradhari.
Dukhahari, Sukhkari,
Manas-Mal-Hari.. Jai..
*
Sur-Muni-Bhusur-Vandit,
Vimal Vibhavshali.
Agha-Dal-Dalan Divakar,
Divya Kiran Mali.. Jai..
*
Sakal-Sukarm-Pradata,
Savita Shubhkari.
Vishva-Vilochan Mochan,
Bhav-Bandhan Bhari.. Jai..
*
Kamal-Samuh-Vikasak,
Nashak Jai Tapa.
Sevat Sahaj Hata Ati
Manujani-Santapa.. Jai..
*
Netra-Vyadhi-Har Sundar,
Bhu-Peeda-Hari.
Vrishti-Vimochan Santat
Parahit-Vratdhari.. Jai..
*
Suryadev Karunakar,
Ab Karuna Kijai.
Har Agyan-Moh Sab,
Tattvagyan Dijai.. Jai..
***