पापांकुशा एकादशी की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं, भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे । पापांकुशा एकादशी व्रत का माहात्म्य युधिष्ठिर ने पूछा : हे मधुसूदन! अब आप कृपा करके यह बताइये कि आश्विन के शुक्लपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है और उसका माहात्म्य क्या है ? भगवान श्रीकृष्ण बोले : राजन्! आश्विन के शुक्लपक्ष में जो एकादशी होती है, वह ‘पापांकुशा’ के नाम से विख्यात है। वह सब पापों को हरने वाली, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करने वाली, शरीर को निरोग बनाने वाली तथा सुन्दर स्त्री, धन तथा मित्र देने वाली है। यदि अन्य कार्य के प्रसंग से भी मनुष्य इस एकमात्र एकादशी को उपास कर ले तो उसे कभी यम यातना नहीं प्राप्त होती । राजन्! एकादशी के दिन उपवास और रात्रि में जागरण करने वाले मनुष्य अनायास ही दिव्य रुपधारी, चतुर्भुज, गरुड़ की ध्वजा से युक्त, हार से सुशोभित और पीताम्बरधारी होकर भगवान विष्णु के धाम को जाते हैं । राजेन्द्र! ऐसे पुरुष मातृपक्ष की दस, पितृपक्ष की दस तथा पत्नी के पक्ष की भी दस पीढ़ियों का उद्धार कर देते हैं । उस दिन सम्पूर्ण मनोरथ की प्राप्ति क...
॥ श्री युगलाष्टकम् ॥ ** कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेम मयो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 1 ॥ ** कृष्णस्य द्रविणं राधा राधायाः द्रविणं हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 2 ॥ ** कृष्णप्राणमयी राधा राधाप्राणमयो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 3 ॥ ** कृष्णद्रवामयी राधा राधाद्रवामयो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 4 ॥ ** कृष्ण गेहे स्थिता राधा राधा गेहे स्थितो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 5 ॥ ** कृष्णचिन्तास्थिता राधा राधाचिन्तास्थितो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 6 ॥ ** नीलाम्बरा धरा राधा पीताम्बरो धरो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 7 ॥ ** वृन्दावनेश्वरी राधा कृष्णो वृन्दावनेश्वरः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥ 8 ॥ ** ॥ श्री युगलाष्टकम् सम्पूर्ण ॥ ***** ॥ Shree Yugalaashtakam ॥ ** Krishnapremamayee Raadha Raadhaaprem Mayo Harih. Jeevanen Dhanen Nityam Raadhaakrishnagathirmam ॥ 1 ॥ ** Krishnasya Dravinam Raadha Raadhaayaah Dravinam Harih. Jeevanen Dhanen Nityam Raadhaakrishnagathirmam ॥ 2 ॥ ** Kri...