श्री शनि देव आरती – जय जय शनि देव महाराज का पाठ और श्रवण करें। यह पवित्र आरती भगवान शनि देव को समर्पित है, जो न्याय और कर्म फल के देवता हैं। यहाँ आपको पूरी आरती के बोल, अर्थ और शनि देव की पूजा के आध्यात्मिक लाभ मिलेंगे। शनिवार पूजा के लिए विशेष रूप से उपयोगी, यह आरती जीवन के कष्टों को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है।
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जय जय शनि देव महाराज
जन के संकट हरने वाले।
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तुम सूर्य पुत्र बलिधारी
भय मानत दुनिया सारी।
साधत हो दुर्लभ काज॥
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तुम धर्मराज के भाई
जब क्रूरता पाई।
घन गर्जन करते आवाज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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तुम नील देव विकराली
है साँप पर करत सवारी।
कर लोह गदा रह साज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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तुम भूपति रंक बनाओ
निर्धन स्रछंद्र घर आयो।
सब रत हो करन ममताज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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राजा को राज मितयो
निज भक्त फेर दिवायो।
जगत में हो गयी जय जयकार॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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तुम हो स्वामी हम चरणं
सिर करत नमामी जी।
पूर्ण हो जन जन की आस॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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जहाँ पूजा देव तिहारी
करें दीन भाव ते पारी।
अंगीकृत करो कृपाल॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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कब सुधि दृष्टि निहरो
छमीये अपराध हमारो।
है हाथ तिहारे लाज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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हम बहुत विपत्ति घबराए
शरणागत तुम्हरी आये।
प्रभु सिद्ध करो सब काज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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यहाँ विनय करे कर जोर के
भक्त सुनावे जी।
तुम देवन के सिरताज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
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जय जय शनि देव महाराज
जन के संकट हरने वाले
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Jai Jai Shani Dev Maharaj
Jan ke sankat harne wale.
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Tum Surya putra balidhari
Bhay manat duniya saari.
Saadhat ho durlabh kaaj.
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Tum Dharmaraj ke bhai
Jab krurta paai.
Ghan garjan karte awaaz.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Tum neel dev vikarali
Hai saanp par karat sawaari.
Kar loh gada rah saaj.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Tum bhoopati rank banao
Nirdhan srachandra ghar aayo.
Sab rat ho karan mamtaaj.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Raja ko raj mitayo
Nij bhakt pher divaayo.
Jagat mein ho gayi jai jaikaar.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Tum ho swami hum charanam
Sir karat namaami ji.
Poorn ho jan jan ki aas.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Jahaan pooja dev tihaari,
Karen deen bhaav te paari.
Angikrit karo kripaal.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Kab sudhi drishti niharo
Chhamiye apradh hamaro.
Hai haath tihaare laaj.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Hum bahut vipatti ghabraaye
Sharanagat tumhari aaye.
Prabhu siddh karo sab kaaj.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Yahaan vinay kare kar jor ke
Bhakt sunaave ji.
Tum devan ke sirtaaj.
Jai Jai Shani Dev Maharaj.
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Jai Jai Shani Dev Maharaj
Jan ke sankat harne wale
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