सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Shri Shani Dev Aarti | जय जय शनि देव महाराज | Lyrics in Hindi and English

Shri Shani Dev Aarti | जय जय शनि देव महाराज | Lyrics in Hindi and English

श्री शनि देव आरती – जय जय शनि देव महाराज का पाठ और श्रवण करें। यह पवित्र आरती भगवान शनि देव को समर्पित है, जो न्याय और कर्म फल के देवता हैं। यहाँ आपको पूरी आरती के बोल, अर्थ और शनि देव की पूजा के आध्यात्मिक लाभ मिलेंगे। शनिवार पूजा के लिए विशेष रूप से उपयोगी, यह आरती जीवन के कष्टों को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है।
**
जय जय शनि देव महाराज
जन के संकट हरने वाले।
*
तुम सूर्य पुत्र बलिधारी
भय मानत दुनिया सारी।
साधत हो दुर्लभ काज॥
*
तुम धर्मराज के भाई
जब क्रूरता पाई।
घन गर्जन करते आवाज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
तुम नील देव विकराली
है साँप पर करत सवारी।
कर लोह गदा रह साज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
तुम भूपति रंक बनाओ
निर्धन स्रछंद्र घर आयो।
सब रत हो करन ममताज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
राजा को राज मितयो
निज भक्त फेर दिवायो।
जगत में हो गयी जय जयकार॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
तुम हो स्वामी हम चरणं
सिर करत नमामी जी।
पूर्ण हो जन जन की आस॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
जहाँ पूजा देव तिहारी
करें दीन भाव ते पारी।
अंगीकृत करो कृपाल॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
कब सुधि दृष्टि निहरो
छमीये अपराध हमारो।
है हाथ तिहारे लाज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
हम बहुत विपत्ति घबराए
शरणागत तुम्हरी आये।
प्रभु सिद्ध करो सब काज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
यहाँ विनय करे कर जोर के
भक्त सुनावे जी।
तुम देवन के सिरताज॥
जय जय शनि देव महाराज॥
*
जय जय शनि देव महाराज
जन के संकट हरने वाले
***
***
Jai Jai Shani Dev Maharaj  
Jan ke sankat harne wale.  
*
Tum Surya putra balidhari  
Bhay manat duniya saari.  
Saadhat ho durlabh kaaj.  
*
Tum Dharmaraj ke bhai  
Jab krurta paai.  
Ghan garjan karte awaaz.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Tum neel dev vikarali  
Hai saanp par karat sawaari.  
Kar loh gada rah saaj.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Tum bhoopati rank banao  
Nirdhan srachandra ghar aayo.  
Sab rat ho karan mamtaaj.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Raja ko raj mitayo  
Nij bhakt pher divaayo.  
Jagat mein ho gayi jai jaikaar.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Tum ho swami hum charanam  
Sir karat namaami ji.  
Poorn ho jan jan ki aas.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Jahaan pooja dev tihaari,  
Karen deen bhaav te paari.  
Angikrit karo kripaal.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Kab sudhi drishti niharo  
Chhamiye apradh hamaro.  
Hai haath tihaare laaj.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Hum bahut vipatti ghabraaye  
Sharanagat tumhari aaye.  
Prabhu siddh karo sab kaaj.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Yahaan vinay kare kar jor ke  
Bhakt sunaave ji.  
Tum devan ke sirtaaj.  
Jai Jai Shani Dev Maharaj.  
*
Jai Jai Shani Dev Maharaj  
Jan ke sankat harne wale  
***

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्री सन्तान सप्तमी व्रत कथा Shri Santan Saptami Vrat Katha Lyrics in Hindi

श्री सन्तान सप्तमी व्रत कथा Shri Santan Saptami Vrat Katha Lyrics in Hindi  श्री सन्तान सप्तमी व्रत कथा एक दिन महाराज युधिष्ठिर ने भगवान से कहा- हे प्रभो! कोई ऐसा उत्तम व्रत बतलाइये जिसके प्रभाव से मनुष्यों के अनेकों सांसारिक क्लेश दुःख दूर होकर वे पुत्र एवं पौत्रवान हो जाएं। यह सुनकर भगवान बोले - हे राजन्‌! तुमने बड़ा ही उत्तम प्रश्न किया है। मैं तुमको एक पौराणिक इतिहास सुनाता हूं ध्यानपूर्वक सुनो। एक समय लोमष ऋषि ब्रजराज की मथुरापुरी में वसुदेव के घर गए। ऋषिराज को आया हुआ देख करके दोनों अत्यन्त प्रसन्न हुए तथा उनको उत्तम आसन पर बैठा कर उनका अनेक प्रकार से वन्दन और सत्कार किया। फिर मुनि के चरणोदक से अपने घर तथा शरीर को पवित्र किया। वह प्रसन्न होकर उनको कथा सुनाने लगे। कथा के कहते लोमष ने कहा कि - हे देवकी! दुष्ट दुराचारी पापी कंस ने तुम्हारे कई पुत्र मार डाले हैं जिसके कारण तुम्हारा मन अत्यन्त दुःखी है। इसी प्रकार राजा नहुष की पत्नी चन्द्रमुखी भी दुःखी रहा करती थी किन्तु उसने संतान सप्तमी का व्रत विधि विधान सहित किया। जिसके प्रताप से उनको सन्तान का सुख प्राप्त हुआ। यह सुनक...

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो || Aarti Kije Raja Ramchandra ji ke ho || Shri Ram Chandra Ji Ki Aarti || Lyrics in Hindi

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै | Arati Kije Raja Ramchandra Ji Ke | RamChandra Aarti Lyrics in Hindi and English ** आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो  ** ऐजी पहली आरती पुष्‍प की माला पहली आरती पुष्‍प की माला पुष्‍प की माला हरिहर पुष्‍प की माला  कालिय नाग नाथ लाये कृष्‍ण गोपाला हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  देवकीनन्‍दन हरिहर देवकीनन्‍दन  भक्‍त उबारहिं असुर निकन्‍दन हो आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै  तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै त्रिभुवन मोहै हरिहर त्रिभुवन मोहै  गरुण सिंहासन राजा रामचन्द्र सोहै हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी चौथी आरती चहुजुग पूजा  चौथी आरती चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा हरिहर चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा रामनाम और न दूजा हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द...

जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English श्री प्रेतराज सरकार बालाजी मंदिर में प्रेतराज सरकार दण्डाधिकारी पद पर आसीन हैं। प्रेतराज सरकार के विग्रह पर भी चोला चढ़ाया जाता है। प्रेतराज सरकार को दुष्ट आत्माओं को दण्ड देने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। भक्तिभाव से उनकी आरती , चालीसा , कीर्तन , भजन आदि किए जाते हैं। बालाजी के सहायक देवता के रूप में ही प्रेतराज सरकार की आराधना की जाती है। प्रेतराज सरकार को पके चावल का भोग लगाया जाता है।   ** ** जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** जय प्रेतराज कृपालु मेरी  अरज अब सुन लीजिये। ** मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ,  नाथ दर्शन दीजिये।।  ** मैं करूं विनती आपसे अब,  तुम दयामय चित धरो। ** चरणों का ले लिया आसरा,  प्रभु वेग से मेरा दुःख हरो।।  ** सिर पर मोर मुकुट कर में धनुष,  गलबीच मोतियन माल है। ** जो करे दर्शन प्रेम से सब,  कटत तन के जाल हैं।।  ** जब पहन बख्तर ले ख...