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श्री प्रेतराज चालीसा । Shri Pretraj Chalisa: प्रेतराज चालीसा के गायन से होती है हर ...। प्रेतराज चालीसा | Pretraj Chalisa मेहंदीपुर बालाजी के चमत्कार और ...

 !! दोहा !! * गणपति की कर वन्दना,  गुरु चरणन चित लाए ! प्रेतराज जी का लिखूँ,  चालीसा हरषाए !! * जय जय भूतादिक प्रबल,  हरण सकल दुख भार ! वीर शिरोमणि जयति,  जय प्रेतराज सरकार !! * !! चौपाई  !! * जय जय प्रेतराज जगपावन ।  महाप्रबल दुख ताप नसावन ।। * विकट वीर करुणा के सागर।   भक्त कष्ट हर सब गुण आगर।। * रतन जडित सिंहासन सोहे।  देखत सुर नर मुनि मन मोहे ।। * जगमग सिर पर मुकुट सुहावन।  कानन कुण्डल अति मनभावन ।। ** धनुष किरपाण बाण अरु भाला।  वीर वेष अति भृकुटि कराला।। ** गजारुढ संग सेना भारी।  बाजत ढोल मृदंग जुझारी ।। ** छ्त्र चँवर पंखा सिर डोलें । भक्त वृन्द मिल जय जय बोलें।। ** भक्त शिरोमणि वीर प्रचण्डा।  दुष्ट दलन शोभित भुजदण्डा ।। ** चलत सैन काँपत भु-तलहू ।   दर्शन करत मिटत कलिमलहू।। ** घाटा मेंहदीपुर में आकर।  प्रगटे प्रेतराज गुण सागर ।। * लाल ध्वजा उड़ रही गगन में।  नाचत भक्त मगन हो मन में ।। * भक्त कामना पूरन स्वामी।  बजरंगी के सेवक नामी ।। * इच्छा पूरन करने वाले।  दुख संकट सब हरने वाले ।। ...

श्री बालाजी चालीसा - संपूर्ण संग्रह | Shri Balaji Chalisa | Shri Balaji Chalisa with Lyrics _ मेहंदीपुर बालाजी की चालीसा _

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण चितलाय, के धरें ध्यान हनुमान। बालाजी चालीसा लिखे, दास स्नेही कल्याण॥ विश्व विदित वर दानी, संकट हरण हनुमान। मैंहदीपुर में प्रगट भये, बालाजी भगवान॥ ** ॥ चौपाई ॥ ** जय हनुमान बालाजी देवा। प्रगट भये यहां तीनों देवा॥ * प्रेतराज भैरव बलवाना। कोतवाल कप्तानी हनुमाना॥ * मैंहदीपुर अवतार लिया है। भक्तों का उद्धार किया है॥ * बालरूप प्रगटे हैं यहां पर। संकट वाले आते जहाँ पर॥ * डाकनि शाकनि अरु जिन्दनीं। मशान चुड़ैल भूत भूतनीं॥ * जाके भय ते सब भाग जाते। स्याने भोपे यहाँ घबराते॥ * चौकी बन्धन सब कट जाते। दूत मिले आनन्द मनाते॥ * सच्चा है दरबार तिहारा। शरण पड़े सुख पावे भारा॥ * रूप तेज बल अतुलित धामा। सन्मुख जिनके सिय रामा॥ * कनक मुकुट मणि तेज प्रकाशा। सबकी होवत पूर्ण आशा॥ * महन्त गणेशपुरी गुणीले। भये सुसेवक राम रंगीले॥ * अद्भुत कला दिखाई कैसी। कलयुग ज्योति जलाई जैसी॥ * ऊँची ध्वजा पताका नभ में। स्वर्ण कलश हैं उन्नत जग में॥ * धर्म सत्य का डंका बाजे। सियाराम जय शंकर राजे॥ * आन फिराया मुगदर घोटा। भूत जिन्द पर पड़ते सोटा॥ * राम लक्ष्मन सिय हृदय कल्याणा। बाल रूप प्रगटे हनुमाना॥ * जय हनुमन्...