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बुध देव की आरती Budh Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

बुध देव की आरती Budh Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English 
बुध देव की आरती Budh Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुध देव की पूजा और आरती करने से बुध ग्रह से जुड़े अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है। बुध को बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, स्मरण क्षमता और संवाद कौशल का कारक माना जाता है। उनकी आराधना से विचारों में स्पष्टता, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ने की मान्यता है। बुध की कृपा शिक्षा, व्यापार, नौकरी और करियर में उन्नति से भी जोड़ी जाती है। यह पूजा आध्यात्मिक शांति, सकारात्मकता और जीवन में संतुलन बनाए रखने का माध्यम मानी जाती है।
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ॐ जय बुध देव हरे, 
प्रभु जय बुध देव हरे।
भक्त जनों के संकट, 
क्षण में दूर करे।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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शीत चंद के सुत तुम, 
शीर समुद्र प्रगटे।
हेम मुकुट सिर सोहे, 
नैन छवि अटके।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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रूप रूप धर तुम ही, 
जग के हितकारी।
भक्तों की पीड़ा हरते, 
सब जग के सुखकारी।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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तन पर पीत अम्बर, 
माला गल सोहे।
दर्शन पावत साधु, 
सुर नर मुनि मोहे।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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जो जन तेरी आरती, 
प्रेम सहित गावै।
सो निश्चय ही मनवांछित, 
फल पावै।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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बुध देव की आरती, 
जो कोई नर गावै।
कहत शिवानंद स्वामी, 
मनवांछित फल पावै।। 
ॐ जय बुध देव हरे
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Om Jai Budh Dev Hare,
Prabhu Jai Budh Dev Hare.
Bhakt Janon Ke Sankat,
Kshan Mein Door Kare.
Om Jai Budh Dev Hare.
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Sheet Chand Ke Sut Tum,
Sheer Samudra Pragate.
Hem Mukut Sir Sohe,
Nain Chhavi Atake.
Om Jai Budh Dev Hare.
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Roop Roop Dhar Tum Hi,
Jag Ke Hitkari.
Bhakton Ki Peeda Harte,
Sab Jag Ke Sukhkari.
Om Jai Budh Dev Hare.
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Tan Par Peet Ambar,
Mala Gal Sohe.
Darshan Pavat Sadhu,
Sur Nar Muni Mohe.
Om Jai Budh Dev Hare.
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Jo Jan Teri Aarti,
Prem Sahit Gaavai.
So Nishchay Hi Manvanchhit,
Phal Paavai.
Om Jai Budh Dev Hare.
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Budh Dev Ki Aarti,
Jo Koi Nar Gaavai.
Kahat Shivanand Swami,
Manvanchhit Phal Paavai.
Om Jai Budh Dev Hare.
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