रविवार, 5 जुलाई 2026

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English
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आरती श्री भैरवनाथ जी की भक्तों के लिए श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। भगवान भैरवनाथ को भगवान शिव का रौद्र स्वरूप माना जाता है, जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं तथा भय, संकट, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं का नाश करते हैं। इस आरती में भक्त विनम्र भाव से भैरवनाथ जी से कृपा, मार्गदर्शन और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति की प्रार्थना करता है।
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आरती के प्रत्येक पद में भैरवनाथ जी की महिमा, उनकी श्वान (कुत्ते) की सवारी, भूत-प्रेतों पर उनके आधिपत्य तथा मेहंदीपुर बालाजी से उनके दिव्य संबंध का सुंदर वर्णन मिलता है। मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से इस आरती का नियमित पाठ करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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सुनो जी भैरव लाडिले, 
कर जोड़ कर विनती करूँ।
कृपा तुम्हारी चाहिए, 
मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ।
मैं चरण छूता आपके, 
अर्ज़ी मेरी सुन लीजिये।
मैं हूँ मति का मंद, 
मेरी कुछ मदद तो कीजिये।
महिमा तुम्हारी बहुत, 
कुछ थोड़ी सी मैं वर्णन करूँ।
सुनो जी भैरव…
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करते सवारी श्वान की, 
चारों दिशा में राज्य है।
जितने भूत और प्रेत, 
सबके आप ही सरताज हैं।
हथियार हैं जो आपके, 
उसका क्या वर्णन करूँ।
सुनो जी भैरव…
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माता जी के सामने तुम, 
नृत्य भी करते सदा।
गा गा के गुण अनुवाद से, 
उनको रिझाते हो सदा।
एक सांकली है आपकी, 
तारीफ़ उसकी क्या करूँ।
सुनो जी भैरव…
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बहुत सी महिमा तुम्हारी, 
मेहंदीपुर सरनाम है।
आते जगत के यात्री, 
बजरंग का स्थान है।
श्री प्रेतराज सरकार के, 
मैं शीश चरणों में धरूँ।
सुनो जी भैरव…
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निशिदिन तुम्हारे खेल से, 
माताजी खुश रहें।
सिर पर तुम्हारे हाथ रख कर, 
आशीर्वाद देती रहें।
कर जोड़ कर विनती करूँ, 
अरु शीश चरणों में धरूँ।
सुनो जी भैरव…
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Aarti Shri Bhairavnath Ji Ki
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Suno Ji Bhairav Laadile, 
Kar Jod Kar Vinati Karun.
Kripa Tumhari Chahiye, 
Main Dhyan Tumhara Hi Dharun.
Main Charan Chhoota Aapke, 
Arzi Meri Sun Lijiye.
Main Hoon Mati Ka Mand, 
Meri Kuchh Madad To Kijiye.
Mahima Tumhari Bahut, 
Kuchh Thodi Si Main Varnan Karun.
Suno Ji Bhairav...
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Karte Savaari Shwaan Ki, 
Charon Disha Mein Rajya Hai.
Jitne Bhoot Aur Pret, 
Sabke Aap Hi Sartaaj Hain.
Hathiyaar Hain Jo Aapke, 
Uska Kya Varnan Karun.
Suno Ji Bhairav...
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Maata Ji Ke Saamne Tum, 
Nritya Bhi Karte Sada.
Ga Ga Ke Gun Anuvaad Se, 
Unko Rijhaate Ho Sada.
Ek Saankali Hai Aapki, 
Taarif Uski Kya Karun.
Suno Ji Bhairav...
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Bahut Si Mahima Tumhari, 
Mehandipur Sarnaam Hai.
Aate Jagat Ke Yaatri, 
Bajrang Ka Sthaan Hai.
Shri Pretraj Sarkar Ke, 
Main Sheesh Charanon Mein Dharun.
Suno Ji Bhairav...
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Nishidin Tumhare Khel Se, 
Mataji Khush Rahen.
Sir Par Tumhare Haath Rakh Kar, 
Aashirvaad Deti Rahen.
Kar Jod Kar Vinati Karun, 
Aru Sheesh Charanon Mein Dharun.
Suno Ji Bhairav...
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