रविवार, 5 जुलाई 2026

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English 
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सूर्य देव आरती हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आरती मानी जाती है। भगवान सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश, स्वास्थ्य, सफलता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह आरती विशेष रूप से रविवार के दिन और सूर्य उपासना के समय श्रद्धा एवं भक्ति के साथ गाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि नियमित रूप से सूर्य देव की आरती करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
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इस लेख में आपको Jai Kashyap-Nandan Om Jai Aditi-Nandan, जो कि प्रसिद्ध सूर्य देव आरती है, के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी में प्राप्त होंगे। साथ ही इसका सरल उच्चारण (Transliteration), पूजा विधि और आरती का धार्मिक महत्व भी बताया गया है। सूर्य देव को त्रिभुवन के अंधकार को दूर करने वाला और भक्तों के हृदय को शुद्ध करने वाला देव माना गया है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की आराधना से स्वास्थ्य में सुधार, आत्मविश्वास में वृद्धि, नेत्र रोगों में राहत तथा करियर में सफलता प्राप्त होती है। यह आरती व्यक्ति के जीवन में तेज, शक्ति और सकारात्मकता का संचार करती है।
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यदि आप Surya Dev Aarti Lyrics, सूर्य आरती हिंदी में, Surya Bhagwan Aarti, Hindu Aarti Lyrics, या Bhakti Songs Lyrics खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका है।
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जय कश्यप-नन्दन, 
ॐ जय अदिति-नन्दन।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, 
भक्त-हृदय-चन्दन।। टेक।।
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सप्त-अश्व-रथ राजित, 
एक चक्रधारी।
दुःखहारी, सुखकारी, 
मानस-मल-हारी।। जय।।
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सुर-मुनि-भूसुर-वंदित, 
विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, 
दिव्य किरण माली।। जय।।
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सकल-सुकर्म-प्रदाता, 
सविता शुभकारी।
विश्व-विलोचन मोचन, 
भव-बंधन भारी।। जय।।
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कमल-समूह-विकासक, 
नाशक जय तापा।
सेवत सहज हत अति 
मनुजनि-संतापा।। जय।।
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नेत्र-व्याधि-हर सुन्दर, 
भू-पीड़ा-हारी।
वृष्टि-विमोचन संतत 
परहित-व्रतधारी।। जय।।
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सूर्यदेव करुणाकर, 
अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, 
तत्त्वज्ञान दीजै।। जय।।
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Jai Kashyap-Nandan,
Om Jai Aditi-Nandan.
Tribhuvan-Timir-Nikandan,
Bhakt-Hriday-Chandan.. Tek..
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Sapt-Ashva-Rath Rajit,
Ek Chakradhari.
Dukhahari, Sukhkari,
Manas-Mal-Hari.. Jai..
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Sur-Muni-Bhusur-Vandit,
Vimal Vibhavshali.
Agha-Dal-Dalan Divakar,
Divya Kiran Mali.. Jai..
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Sakal-Sukarm-Pradata,
Savita Shubhkari.
Vishva-Vilochan Mochan,
Bhav-Bandhan Bhari.. Jai..
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Kamal-Samuh-Vikasak,
Nashak Jai Tapa.
Sevat Sahaj Hata Ati
Manujani-Santapa.. Jai..
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Netra-Vyadhi-Har Sundar,
Bhu-Peeda-Hari.
Vrishti-Vimochan Santat
Parahit-Vratdhari.. Jai..
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Suryadev Karunakar,
Ab Karuna Kijai.
Har Agyan-Moh Sab,
Tattvagyan Dijai.. Jai..
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