सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English 
*

सूर्य देव आरती हिंदू धर्म में सूर्य उपासना का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। भगवान सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश, स्वास्थ्य, सफलता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना गया है। विशेष रूप से रविवार को श्रद्धापूर्वक आरती करने की परंपरा है। इस लेख में Jai Kashyap-Nandan Om Jai Aditi-Nandan सूर्य देव आरती के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स, English Transliteration, पूजा विधि और धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई है। श्रद्धा से सूर्य आराधना करने से सकारात्मकता, आत्मविश्वास और जीवन में तेज व शक्ति बढ़ने की मान्यता है।
*
जय कश्यप-नन्दन, 
ॐ जय अदिति-नन्दन।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, 
भक्त-हृदय-चन्दन।। टेक।।
*
सप्त-अश्व-रथ राजित, 
एक चक्रधारी।
दुःखहारी, सुखकारी, 
मानस-मल-हारी।। जय।।
*
सुर-मुनि-भूसुर-वंदित, 
विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, 
दिव्य किरण माली।। जय।।
*
सकल-सुकर्म-प्रदाता, 
सविता शुभकारी।
विश्व-विलोचन मोचन, 
भव-बंधन भारी।। जय।।
*
कमल-समूह-विकासक, 
नाशक जय तापा।
सेवत सहज हत अति 
मनुजनि-संतापा।। जय।।
*
नेत्र-व्याधि-हर सुन्दर, 
भू-पीड़ा-हारी।
वृष्टि-विमोचन संतत 
परहित-व्रतधारी।। जय।।
*
सूर्यदेव करुणाकर, 
अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, 
तत्त्वज्ञान दीजै।। जय।।
***
Jai Kashyap-Nandan,
Om Jai Aditi-Nandan.
Tribhuvan-Timir-Nikandan,
Bhakt-Hriday-Chandan.. Tek..
*
Sapt-Ashva-Rath Rajit,
Ek Chakradhari.
Dukhahari, Sukhkari,
Manas-Mal-Hari.. Jai..
*
Sur-Muni-Bhusur-Vandit,
Vimal Vibhavshali.
Agha-Dal-Dalan Divakar,
Divya Kiran Mali.. Jai..
*
Sakal-Sukarm-Pradata,
Savita Shubhkari.
Vishva-Vilochan Mochan,
Bhav-Bandhan Bhari.. Jai..
*
Kamal-Samuh-Vikasak,
Nashak Jai Tapa.
Sevat Sahaj Hata Ati
Manujani-Santapa.. Jai..
*
Netra-Vyadhi-Har Sundar,
Bhu-Peeda-Hari.
Vrishti-Vimochan Santat
Parahit-Vratdhari.. Jai..
*
Suryadev Karunakar,
Ab Karuna Kijai.
Har Agyan-Moh Sab,
Tattvagyan Dijai.. Jai..
***

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो || Aarti Kije Raja Ramchandra ji ke ho || Shri Ram Chandra Ji Ki Aarti || Lyrics in Hindi

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै | Arati Kije Raja Ramchandra Ji Ke | RamChandra Aarti Lyrics in Hindi and English ** आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो  ** ऐजी पहली आरती पुष्‍प की माला पहली आरती पुष्‍प की माला पुष्‍प की माला हरिहर पुष्‍प की माला  कालिय नाग नाथ लाये कृष्‍ण गोपाला हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  देवकीनन्‍दन हरिहर देवकीनन्‍दन  भक्‍त उबारहिं असुर निकन्‍दन हो आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै  तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै त्रिभुवन मोहै हरिहर त्रिभुवन मोहै  गरुण सिंहासन राजा रामचन्द्र सोहै हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी चौथी आरती चहुजुग पूजा  चौथी आरती चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा हरिहर चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा रामनाम और न दूजा हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द...

जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English श्री प्रेतराज सरकार बालाजी मंदिर में प्रेतराज सरकार दण्डाधिकारी पद पर आसीन हैं। प्रेतराज सरकार के विग्रह पर भी चोला चढ़ाया जाता है। प्रेतराज सरकार को दुष्ट आत्माओं को दण्ड देने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। भक्तिभाव से उनकी आरती , चालीसा , कीर्तन , भजन आदि किए जाते हैं। बालाजी के सहायक देवता के रूप में ही प्रेतराज सरकार की आराधना की जाती है। प्रेतराज सरकार को पके चावल का भोग लगाया जाता है।   ** ** जय प्रेतराज कृपालु मेरी ||प्रेतराज सरकार की आरती || Pretraj Sarkar Ki Aarti Lyrics in Hindi and English ** जय प्रेतराज कृपालु मेरी  अरज अब सुन लीजिये। ** मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ,  नाथ दर्शन दीजिये।।  ** मैं करूं विनती आपसे अब,  तुम दयामय चित धरो। ** चरणों का ले लिया आसरा,  प्रभु वेग से मेरा दुःख हरो।।  ** सिर पर मोर मुकुट कर में धनुष,  गलबीच मोतियन माल है। ** जो करे दर्शन प्रेम से सब,  कटत तन के जाल हैं।।  ** जब पहन बख्तर ले ख...

सिया रघुवर जी की आरती || Siya Raghubar Ji Ki Aarti || राम भजन || Ram Bhajan

सिया रघुवर जी की आरती || Siya Raghubar Ji Ki Aarti || राम भजन || Ram Bhajan सिया रघुवर जी की आरती , शुभ आरती कीजै। ** शीश मुकुट काने कुंडल सोहे -२ राम लखन सिया जानकी, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती , शुभ आरती कीजै। ** मोर मुकुट माथे पर सोहे -२ राधा सहित घनश्याम की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** अक्षत चंदन घी की बाती -२ उमा सहित महादेव की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** मम दुख हरणी मंगल करणी-२ आरती लक्ष्मी गणेश की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** अलख निरंजन असुर निकन्दन-२ अंजनि लला हनुमान की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** रामदेव अउरी कुलदेवता -२ माता पिता गुरुदेव की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ****