सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English
*
आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English

 आरती युगलकिशोर की कीजै श्री राधा-कृष्ण के दिव्य युगल स्वरूप को समर्पित मधुर भक्तिमय आरती है। इसमें राधारानी और श्रीकृष्ण की सुंदरता, महिमा तथा भक्तों पर उनकी कृपा का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। श्रद्धापूर्वक इसका गायन मन में शांति, भक्ति और सकारात्मकता का संचार करने वाला माना जाता है। इस लेख में आरती युगलकिशोर की कीजै के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी और English Transliteration में दिए गए हैं। साथ ही आरती का महत्व, पूजा में स्थान और पाठ से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं की जानकारी भी दी गई है।
*
आरती युगलकिशोर की कीजै।
तन मन धन न्योछावर कीजै॥
*
गौरश्याम मुख निरखन लीजै।
हरि का रूप नयन भरि पीजै॥
*
रवि शशि कोटि बदन की शोभा।
ताहि निरखि मेरो मन लोभा॥
*
ओढ़े नील पीत पट सारी।
कुंजबिहारी गिरिवरधारी॥
*
फूलन सेज फूल की माला।
रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला॥
*
कंचन थार कपूर की बाती।
हरि आए निर्मल भई छाती॥
*
श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी।
आरती करें सकल नर नारी॥
*
नंदनंदन बृजभान किशोरी।
परमानंद स्वामी अविचल जोरी॥
***
Aarti Yugalkishor Ki Kijiye
Tan Man Dhan Nayochawar Kijiye
*
Gorshyam Mukh Nirkhan Lijiye
Hari Ka Rup Nayan Bhari Pijiye
*
Ravi Shashi Koti Badan Ki Shobha
Tahi Nirkhi Mero Mann Lobha
*
Odhe Neel Peet Pat Sari
Kunjbihari Girivardhari
*
Fulan Sej  Phul Ki Mala
Ratan Singhasan Baatai Nandlal
*
Kanchan Thar Kapoor Ki Baati 
Hari Aae Nirmal Bhai Chati
*
Sri Purushotam Girivardhari
Aarti Kare Sakal Nar Nari 
*
Nandnandan Brijbhan Kishori 
Parmanand Sawami Avichal Jori 
***

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सिया रघुवर जी की आरती || Siya Raghubar Ji Ki Aarti || राम भजन || Ram Bhajan

सिया रघुवर जी की आरती || Siya Raghubar Ji Ki Aarti || राम भजन || Ram Bhajan सिया रघुवर जी की आरती , शुभ आरती कीजै। ** शीश मुकुट काने कुंडल सोहे -२ राम लखन सिया जानकी, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती , शुभ आरती कीजै। ** मोर मुकुट माथे पर सोहे -२ राधा सहित घनश्याम की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** अक्षत चंदन घी की बाती -२ उमा सहित महादेव की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** मम दुख हरणी मंगल करणी-२ आरती लक्ष्मी गणेश की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** अलख निरंजन असुर निकन्दन-२ अंजनि लला हनुमान की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ** रामदेव अउरी कुलदेवता -२ माता पिता गुरुदेव की, शुभ आरती कीजै। सिया रघुवर जी की आरती  शुभ आरती कीजै। ****

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो || Aarti Kije Raja Ramchandra ji ke ho || Shri Ram Chandra Ji Ki Aarti || Lyrics in Hindi

आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै | Arati Kije Raja Ramchandra Ji Ke | RamChandra Aarti Lyrics in Hindi and English ** आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो  ** ऐजी पहली आरती पुष्‍प की माला पहली आरती पुष्‍प की माला पुष्‍प की माला हरिहर पुष्‍प की माला  कालिय नाग नाथ लाये कृष्‍ण गोपाला हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  दूसरी आरती देवकीनन्‍दन  देवकीनन्‍दन हरिहर देवकीनन्‍दन  भक्‍त उबारहिं असुर निकन्‍दन हो आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै  तीसरी आरती त्रिभुवन मोहै त्रिभुवन मोहै हरिहर त्रिभुवन मोहै  गरुण सिंहासन राजा रामचन्द्र सोहै हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द्र जी कै  हरिहर भक्ति करहुँ सन्‍तन सुख दीजै हो ** एजी चौथी आरती चहुजुग पूजा  चौथी आरती चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा हरिहर चहुजुग पूजा  चहुजुग पूजा रामनाम और न दूजा हो  आरती कीजै राजा रामचन्‍द...

शारदा मैया की आरती | Sharda Maiya Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय शारदे माता  मैया जय शारदे माता  वीणा पुस्‍तक धारिणी वीणा पुस्‍तक धारिणी  विद्या की दाता  मैया जय शारदे माता * जय शारदे माता  मैया जय शारदे माता  वीणा पुस्‍तक धारिणी वीणा पुस्‍तक धारिणी  विद्या की दाता  मैया जय शारदे माता * हंस सवारि विराजत भक्‍तों की हितकारी मैया भक्‍तों की हितकारी  तुमको निशदिन पूजत मैया जी को निशदिन पूजत सेवक नर नारी मैया जय शारदे माता * कर में हैं फूल कमल के ज्ञान बुद्धि देती  मैया ज्ञान बुद्धि देती अज्ञानी हो ज्ञानी  अज्ञानी हो ज्ञानी हो जग विख्‍याता  मैया जय शारदे माता * ब्रह्मा विष्‍णु पूजे पूजे अविनाशी मैया पूजे अविनाशी आके पूजे मैंहर  आके पूजे मैंहर छोड़ के शिव काशी मैया जय शारदे माता * अपने पास बुला लो  माता दो शिक्षा ओ माता दो शिक्षा तेरे चरण पखारें तेरे चरण पखारें है सब की इच्‍छा मैया जय शारदे माता * जय शारदे माता मैया जय शारदे माता वीणा पुस्‍तक धारिणी वीणा पुस्‍तक धारिणी विद्या की दाता मैया जय शारदे माता * जय शारदे माता मैया जय शारदे माता वीणा पुस्‍तक धारिणी वीणा पुस्‍तक धारिणी विद्या क...