रविवार, 5 जुलाई 2026

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English
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आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English

 आरती युगलकिशोर की कीजै भगवान राधा-कृष्ण (युगल किशोर) को समर्पित अत्यंत लोकप्रिय और मधुर आरती है, जिसका पाठ भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रतिदिन तथा विशेष अवसरों पर करते हैं। यह आरती श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य स्वरूप, उनकी अलौकिक शोभा और भक्तों पर बरसने वाली कृपा का सुंदर वर्णन करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस आरती का नियमित गायन करने से मन को शांति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है।

इस लेख में आपको आरती युगलकिशोर की कीजै के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी और English (Transliteration) में उपलब्ध हैं। साथ ही आरती का महत्व, पाठ करने का सही समय, पूजा में इसका स्थान तथा श्री राधा-कृष्ण की आराधना से जुड़े धार्मिक लाभों की जानकारी भी मिलेगी। यदि आप Aarti Yugalkishor Ki Kijiye Lyrics in Hindi, Aarti Yugalkishor Ki Lyrics in English, राधा कृष्ण आरती, युगल किशोर आरती, या Radha Krishna Aarti Lyrics खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण और उपयोगी स्रोत है।

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आरती युगलकिशोर की कीजै।
तन मन धन न्योछावर कीजै॥
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गौरश्याम मुख निरखन लीजै।
हरि का रूप नयन भरि पीजै॥
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रवि शशि कोटि बदन की शोभा।
ताहि निरखि मेरो मन लोभा॥
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ओढ़े नील पीत पट सारी।
कुंजबिहारी गिरिवरधारी॥
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फूलन सेज फूल की माला।
रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला॥
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कंचन थार कपूर की बाती।
हरि आए निर्मल भई छाती॥
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श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी।
आरती करें सकल नर नारी॥
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नंदनंदन बृजभान किशोरी।
परमानंद स्वामी अविचल जोरी॥
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Aarti Yugalkishor Ki Kijiye
Tan Man Dhan Nayochawar Kijiye
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Gorshyam Mukh Nirkhan Lijiye
Hari Ka Rup Nayan Bhari Pijiye
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Ravi Shashi Koti Badan Ki Shobha
Tahi Nirkhi Mero Mann Lobha
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Odhe Neel Peet Pat Sari
Kunjbihari Girivardhari
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Fulan Sej  Phul Ki Mala
Ratan Singhasan Baatai Nandlal
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Kanchan Thar Kapoor Ki Baati 
Hari Aae Nirmal Bhai Chati
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Sri Purushotam Girivardhari
Aarti Kare Sakal Nar Nari 
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Nandnandan Brijbhan Kishori 
Parmanand Sawami Avichal Jori 
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