आरती संग्रह ।। सभी देवी देवताओं की आरतियों का संग्रह ।। Aarti Sangrah || Sabhi Devi Devtaon Ki Aartiyon ka Sangrah || Arti Sangrah - All Arti Lyrics : Aarti
आरती संग्रह ।। सभी देवी देवताओं की आरतियों का संग्रह ।। Aarti Sangrah || Sabhi Devi Devtaon Ki Aartiyon ka Sangrah|| ** ** आरती वृहस्पति देव की । ॐ जय वृहस्पति देवा । Om Jay Brihaspati Deva | Brihaspati Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi & English ** ॐ जय वृहस्पति देवा जय वृहस्पति देवा छिन छिन भोग लगाऊँ कदली फल मेवा ॥ॐ॥ ** तुम पूर्ण परमात्मा तुम अन्तर्यामी जगत पिता जगदीश्वर तुम सबके स्वामी ॥ ॐ ॥ ** चरणामृत निज निर्मल सब पातक हर्ता सकल मनोरथ दायक कृपा करो भर्ता ॥ॐ॥ ** तन, मन, धन, अर्पणकर जो जन शरण पड़े प्रभु प्रकट तब होकर आकर द्वार खड़े ॥ॐ ॥ ** दीन दयाल दयानिधि भक्तन हितकारी पाप दोष सब हर्ता भव बन्धन हारी ॥ॐ॥ ** सकल मनोरथ दायक सब संशय तारी विषय विकार मिटाओ सन्तन सुखकारी ॥ॐ॥ ** जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे जेष्टानन्द, बंद सो सो निश्चय पावे ॥ॐ॥ ** सब बोलो विष्णु भगवान् की जय बोलो वृहस्पति देव भगवान्...