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श्री ग्‍वेल अष्‍टक \\ Shri Gwel Ashtak Lyrics in Hindi \\ जन्‍म समय मॉं की सौतन ने \\ Janm Samay Maa ki Sautan ne

जन्‍म समय मॉं की सौतन ने | Janm Samay Maa ki Sautan ne | Shri Golu Ashtak | श्री ग्‍वेल अष्‍टक | Shri Gwail Ashtak Lyrics in Hindi 


जन्‍म समय मॉं की सौतन ने 

हे ग्‍वेल दियो तुमको दुख भारी 

*****

काली के पास में प्रस्‍तर डारिके

डारो तुम्‍हें जहॉं थी बहु झारी 

*****

बाल न बॉंका हुआ गोरिया तेरो

पा करके यह वेदना सारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

मौसेरी मॉंओं ने जीवित जानके

मारन की तोहि बात बिचारी 

*****

रात समय उस बालक को

धरी आए नदी मह वे अत्‍याचारी 

*****

होके प्रसन्‍न नदी जल में

उस बालक ने वह रात गुजारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

स्‍वप्‍न दियो भाना धेवर को 

समझाई कथा उसको यह सारी 

*****

स्‍वप्‍न के बीच लखी उसने 

वह देव स्‍वरूप महाछवि न्‍यारी 

*****

टूटत स्‍वप्‍न विचारिकैं बात कैं

शोक भयो मन में अति भारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

प्रात समय उस धेवर ने 

मन में जब स्‍वप्‍न की बात बिचारी 

*****

दौडि़ पड्यो नदिया की दिशा वह 

तन मन की सुधि सारी बिसारी 

*****

कूदि गयो मझधार में धेवर 

देखने को वह रूप सुखारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

ज्‍योति स्‍वरूप महाछविके 

जल के तल में वह रूप निहारी 

*****

आनन्‍द मग्‍न भयो तब धेवर 

मनहु मिली सुख सम्‍पति भारी 

*****

गोरा था गोरिया नाम धरो 

घर ले गयो विश्‍व की सम्‍पति सारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

बाल समय प्‍यारे गोरिया की

तब फैल गई कल कीरति सारी 

*****

झालु के नैन गए ललचाइ

कि आवौं मैं देखिये मूरत न्‍यारी 

*****

बात सुनी जब धेवर की

कहो कैसे बच्‍यो यह नीर मझारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

बालक ग्‍वेल ने बालक काल की 

भूपति से कहदी कथा सारी 

*****

नैनन नीर बह्यो नृप को

वह भूल गयो तन की सुधि सारी 

*****

मात की सौतों ने मारन की तोहि

बात किया में थी पूरी बिचारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

राजा कह्यो उठ लाल मेरे 

तुम्‍हें देख रही चम्‍पावत सारी 

*****

पापी को दण्‍ड दो न्‍यायी को न्‍याय दो 

काली के सारे हरो दुख भारी 

*****

दूध का दूध करो जल का जल

न्‍याय में कीरति फैले तुम्‍हारी 

*****

मौसानी क्‍या कर लेती उसे

जाके नाम से संकट जात है टारी 

नाम से संकट जात हैं टारी 

*****

गौर वर्ण हे ग्‍वेल जी बिनती बारम्‍बार 

कलिका भार उतारने लियो देव अवतार

  

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