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श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै | Nagdev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै | Nagdev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English * श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै । तन मन धन सब अर्पण कीजै । नेत्र लाल भिरकुटी विशाला । चले बिन पैर सुने बिन काना । उनको अपना सर्वस्व दीजे।। * पाताल लोक में तेरा वासा । शंकर विघन विनायक नासा । भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।। * शीश मणि मुख विषम ज्वाला । दुष्ट जनों का करे निवाला । भगत तेरो अमृत रस पिजे।। * वेद पुराण सब महिमा गावें । नारद शारद शीश निवावें । सावल सा से वर तुम दीजे।। * नोंवी के दिन ज्योत जगावे । खीर चूरमे का भोग लगावे । रामनिवास तन मन धन सब अर्पण कीजै । आरती श्री नागदेव जी कीजै ।। *** Shri Naagdev Aarti Panchami ki keejai. Tan man dhan sab arpan keejai. Netra laal bhirkuti vishaala. Chale bin pair sune bin kaana. Unko apna sarvasva deeje. * Pataal lok mein tera vaasa. Shankar vighan vinaayak naasa. Bhagton ka sarv kasht har lijai. * Sheesh mani mukh visham jwala. Dusht janon ka kare nivaala. Bhagat tero amrit ras pije. * Ved Puraan sab mahima gaaven. Narad Sharad sheesh nivaaven. Saaval sa se var tum dee...

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English

आरती श्री भैरवनाथ जी की | सुनो जी भैरव लाडिले | Suno Ji Bhairav Ladile Aarti Lyrics in Hindi and English * आरती श्री भैरवनाथ जी की श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। भगवान भैरवनाथ को भगवान शिव का रौद्र स्वरूप माना जाता है, जो भक्तों की रक्षा करते हैं तथा भय, संकट, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं का नाश करते हैं। इस आरती में उनकी महिमा, श्वान की सवारी, भूत-प्रेतों पर आधिपत्य और मेहंदीपुर बालाजी से संबंध का वर्णन मिलता है। श्रद्धापूर्वक पाठ से भय दूर, आत्मविश्वास, सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है। यहाँ आरती हिंदी एवं अंग्रेज़ी लिप्यंतरण सहित उपलब्ध है। * सुनो जी भैरव लाडिले,  कर जोड़ कर विनती करूँ। कृपा तुम्हारी चाहिए,  मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ। मैं चरण छूता आपके,  अर्ज़ी मेरी सुन लीजिये। मैं हूँ मति का मंद,  मेरी कुछ मदद तो कीजिये। महिमा तुम्हारी बहुत,  कुछ थोड़ी सी मैं वर्णन करूँ। सुनो जी भैरव… * करते सवारी श्वान की,  चारों दिशा में राज्य है। जितने भूत और प्रेत,  सबके आप ही सरताज हैं। हथियार हैं जो आपके,  उसका क्या वर्णन करूँ।...

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English

जय कश्यप-नन्दन| Jay Kashyap Nandan | Surya Dev Ki Aarti Lyrics in Hindi and English  * सूर्य देव आरती हिंदू धर्म में सूर्य उपासना का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। भगवान सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश, स्वास्थ्य, सफलता और जीवन शक्ति का प्रतीक माना गया है। विशेष रूप से रविवार को श्रद्धापूर्वक आरती करने की परंपरा है। इस लेख में Jai Kashyap-Nandan Om Jai Aditi-Nandan सूर्य देव आरती के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स, English Transliteration, पूजा विधि और धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई है। श्रद्धा से सूर्य आराधना करने से सकारात्मकता, आत्मविश्वास और जीवन में तेज व शक्ति बढ़ने की मान्यता है। * जय कश्यप-नन्दन,  ॐ जय अदिति-नन्दन। त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन,  भक्त-हृदय-चन्दन।। टेक।। * सप्त-अश्व-रथ राजित,  एक चक्रधारी। दुःखहारी, सुखकारी,  मानस-मल-हारी।। जय।। * सुर-मुनि-भूसुर-वंदित,  विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन दिवाकर,  दिव्य किरण माली।। जय।। * सकल-सुकर्म-प्रदाता,  सविता शुभकारी। विश्व-विलोचन मोचन,  भव-बंधन भारी।। जय।। * कमल-समूह-विकासक,  नाशक जय तापा। सेवत सहज हत अत...

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English

आरती युगलकिशोर की कीजै | Aarti Yugalkishor Ki Kire Lyrics in Hindi and English *   आरती युगलकिशोर की कीजै श्री राधा-कृष्ण के दिव्य युगल स्वरूप को समर्पित मधुर भक्तिमय आरती है। इसमें राधारानी और श्रीकृष्ण की सुंदरता, महिमा तथा भक्तों पर उनकी कृपा का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। श्रद्धापूर्वक इसका गायन मन में शांति, भक्ति और सकारात्मकता का संचार करने वाला माना जाता है। इस लेख में आरती युगलकिशोर की कीजै के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी और English Transliteration में दिए गए हैं। साथ ही आरती का महत्व, पूजा में स्थान और पाठ से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं की जानकारी भी दी गई है। * आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्योछावर कीजै॥ * गौरश्याम मुख निरखन लीजै। हरि का रूप नयन भरि पीजै॥ * रवि शशि कोटि बदन की शोभा। ताहि निरखि मेरो मन लोभा॥ * ओढ़े नील पीत पट सारी। कुंजबिहारी गिरिवरधारी॥ * फूलन सेज फूल की माला। रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला॥ * कंचन थार कपूर की बाती। हरि आए निर्मल भई छाती॥ * श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी। आरती करें सकल नर नारी॥ * नंदनंदन बृजभान किशोरी। परमानंद स्वामी अविचल जोरी॥ *** Aarti Yugalkishor Ki ...